महाराष्ट्र की गाड़ी को बिहार नंबर दिलाने पर मांगी घूस! सुपौल DTO ऑफिस में विजिलेंस ने ऑपरेटर नंदलाल को दबोचा
Supaul DTO Office Vigilance Raid : सुपौल के जिला परिवहन कार्यालय में निगरानी टीम ने एक डाटा इंट्री ऑपरेटर नंदलाल ...और पढ़ें

Supaul DTO Office Vigilance Raid : ऑपरेटर नंदलाल कुमार को गिरफ्तार किया
HighLights
ऑपरेटर नंदलाल कुमार 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार।
महाराष्ट्र की गाड़ी का नंबर बदलने पर मांगी थी घूस।
विजिलेंस टीम ने सुपौल DTO कार्यालय में की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, सुपौल। Supaul DTO Office Vigilance Raid: समाहरणालय परिसर स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में गुरुवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डाटा इंट्री ऑपरेटर को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस टीम आरोपित ऑपरेटर को तुरंत हिरासत में लेकर अपने साथ पटना ले गई। समाहरणालय परिसर में दिनदहाड़े हुई इस औचक कार्रवाई से जिला मुख्यालय के विभिन्न सरकारी विभागों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार डाटा इंट्री ऑपरेटर की पहचान नंदलाल कुमार के रूप में हुई है। वह परिवहन कार्यालय में वाहनों के रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन डेटा प्रबंधन से जुड़े कार्य देखता था।
महाराष्ट्र नंबर की गाड़ी को बिहार ट्रांसफर कराने पर मांगी थी घूस
घटना के संबंध में बताया जाता है कि सुपौल जिले के ललितग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत मधुबनी गांव निवासी अजहर अली ने महाराष्ट्र से एक चार पहिया वाहन खरीदा था। उक्त वाहन का नंबर बदलकर बिहार का स्थानीय रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए उन्होंने जिला परिवहन कार्यालय में विधिवत आवेदन दिया था।
विजिलेंस ट्रैप
स्थान: जिला परिवहन कार्यालय (DTO), समाहरणालय परिसर, सुपौल।
गिरफ्तार कर्मी: नंदलाल कुमार (डाटा इंट्री ऑपरेटर)।
शिकायतकर्ता: मो. अजहर अली (निवासी: मधुबनी, थाना- ललितग्राम, सुपौल)।
रिश्वत की राशि: ₹15,000 (पंद्रह हजार रुपये)।
काम: महाराष्ट्र से खरीदी गई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बिहार नंबर में ट्रांसफर कराना।
नेतृत्वकर्ता अधिकारी: विंध्याचल प्रसाद (डीएसपी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना)।
इस सरकारी प्रक्रिया और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के एवज में डाटा इंट्री ऑपरेटर नंदलाल कुमार द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। अजहर अली रिश्वत नहीं देना चाहते थे और ऑपरेटर के अड़ियल रवैये से तंग आ चुके थे। अंततः उन्होंने इस भ्रष्टाचार की शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के समक्ष दर्ज कराई।
पटना से आई टीम ने बिछाया जाल, रंगेहाथ दबोचा
विजिलेंस के डीएसपी विंध्याचल प्रसाद ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि अजहर अली द्वारा डीटीओ कार्यालय में महाराष्ट्र नंबर की गाड़ी को बिहार नंबर में तब्दील कराने का आवेदन दिया गया था। ऑपरेटर द्वारा 15 हजार रुपये मांगे जाने की शिकायत मिलने पर निगरानी विभाग ने इसका गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में आरोप शत-प्रतिशत सही पाया गया।
सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से गुरुवार को जैसे ही परिवादी अजहर अली ने डीटीओ कार्यालय में ऑपरेटर नंदलाल कुमार को केमिकल युक्त 15 हजार रुपये सौंपे, पहले से सादे लिबास में मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।
टीम ने मौके पर ही केमिकल टेस्ट कर घूसखोरी के साक्ष्य संकलित किए और आवश्यक जब्ती सूची बनाकर आरोपित को अपने साथ ले गई। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद से समाहरणालय परिसर स्थित अन्य कार्यालयों में बिचौलियों और भ्रष्ट कर्मियों में खलबली मची हुई है।
