सुपौल में अवैध मदरसा सील: 9 साल की छात्रा की मौत और 3 की हालत गंभीर, गले पर निशान देख भड़के परिजन
Supaul Illegal Madrasa Girl Death: सुपौल के एक अवैध मदरसे में संदिग्ध परिस्थितियों में 9 वर्षीय छात्रा अलफिसा परवीन की ...और पढ़ें

Supaul Illegal Madrasa Girl Death: सुपौल के अवैध मदरसे में संदिग्ध हालात में 9 वर्षीय छात्रा की मौत, 3 गंभीर; मदरसा सील, 53 बच्चे घर भेजे गए
HighLights
अवैध मदरसे में 9 वर्षीय छात्रा अलफिसा परवीन की मौत।
तीन अन्य छात्राएं गंभीर रूप से बीमार, अस्पताल में भर्ती।
परिजनों ने गले पर निशान देख हत्या की आशंका जताई।
जागरण संवाददाता, सुपौल। Supaul Illegal Madrasa Girl Death: बिहार के सुपौल जिला मुख्यालय के बसबिट्टी रोड (वार्ड संख्या 19) में जामिअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित एक अवैध मदरसे में मंगलवार की सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में एक साथ चार नाबालिग छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
इनमें से नौ वर्षीय छात्रा अलफिसा परवीन की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्राओं की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक जांच में मदरसा पूरी तरह गैर-मान्यता प्राप्त और अवैध पाया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे सील कर दिया गया और वहां पढ़ रहे सभी 53 बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया।
मृतक मासूम अलफिसा नेमुआ (वार्ड 3) निवासी मो. कमरे आलम की पुत्री थी। मृतका की मां साजदा खातून ने बताया कि सुबह करीब छह बजे मदरसे से फोन आया कि अलफिसा को लगातार उल्टियां हो रही हैं और वह बेसुध पड़ी है। बदहवास हालत में जब वे मदरसे पहुंचीं, तो बच्ची अचेत थी और बोलने की स्थिति में नहीं थी।
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आरोप है कि जब परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने लगे, तो मदरसे की महिला शिक्षिका ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसी तरह परिजन बच्ची को लेकर नजदीकी क्लीनिक पहुंचे, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल सुपौल रेफर किया गया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने जांचोपरांत अलफिसा को मृत घोषित कर दिया।
गले पर निशान देख हत्या की आशंका, संचालक का समोसे वाला तर्क
अस्पताल में मृतका के गले पर गहरे निशान मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मां साजदा खातून ने रोते-बिलखते आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ कोई गंभीर अनहोनी हुई है और उसे जहर देकर या फंदा लगाकर मारा गया है। वहीं दूसरी ओर, मदरसा संचालक खलीलउर्रहमान ने अपने बचाव में दलील दी कि सोमवार रात एक अन्य बच्ची की मां बाहर से समोसे लेकर आई थी, जिसे खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग की वजह से बच्चियों की तबीयत खराब हुई।
सुपौल जिला मुख्यालय के बसबिट्टी रोड (वार्ड 19) स्थित अवैध मदरसे में चार बच्चियों की बिगड़ी तबीयत; 9 वर्षीय अलफिसा की मौत
मृतका के गले पर मिले चोट के निशान; मां ने जहर देने अथवा फंदा लगाकर हत्या करने की जताई आशंका
महेशपुर, त्रिवेणीगंज और लौकहा की तीन अन्य छात्राएं निजी क्लीनिकों में भर्ती; एक बच्ची की हालत नाजुक
एसडीओ और डीपीओ की जांच में बिना मान्यता चलता मिला मदरसा; प्रशासन ने सील कर 53 बच्चों को घर भेजा
घटना की नजाकत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर.एस. भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। बीमार छात्राओं में सदर थाना क्षेत्र के महेशपुर बसबिट्टी निवासी आफिया, त्रिवेणीगंज के प्रतापपुर निवासी सहाना खातून तथा लौकहा थाना क्षेत्र के बरुआरी निवासी हलिमा सादिया शामिल हैं। तीनों बच्चियों का दो अलग-अलग निजी क्लीनिकों में इलाज चल रहा है, जिनमें से एक छात्रा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष मेडिकल टीम ने मदरसे में मौजूद बाकी बच्चों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया।
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आरटीई मानकों की उड़ाईं धज्जियां, कागजात न मिलने पर मदरसा सील
मामले की संयुक्त प्रशासनिक जांच करने पहुंचे सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मनोहर कुमार साहु और शिक्षा विभाग के डीपीओ आलोक शेखर आनंद ने जब पड़ताल की, तो मदरसे में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। मदरसा प्रबंधन जांच टीम के समक्ष संचालन से जुड़ा कोई भी वैध निबंधन, सरकारी स्वीकृति अथवा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।
मदरसा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी कर अवैध रूप से चलाया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य द्वार पर ताला जड़कर मदरसे को सील कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
