सुपौल में DM का एक्शन, रिश्वतखोरी और लापरवाही के आरोप में बिजली विभाग का जेई सस्पेंड
डीएम सावन कुमार की सख्ती के बाद सुपौल में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बड़ी कार्रवाई की है। छातापुर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा के कनीय अभियंत ...और पढ़ें

सुपौल डीएम सावन कुमार।

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जागरण संवाददाता, सुपौल। जिले में प्रशासनिक सख्ती के बीच डीएम सावन कुमार के एक्शन मोड का असर अब साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छातापुर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा में तैनात कनीय विद्युत अभियंता वैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई गंभीर अनियमितता, अवैध वसूली और कर्तव्यहीनता के आरोपों में की गई है। जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, जेई वैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने उपभोक्ता विपीन कुमार यादव, निवासी ग्वालपाड़ा (सुपौल) को बिजली कनेक्शन देने के मामले में नियमों की अनदेखी की।
आरोप है कि संबंधित परिसर का बकाया और तकनीकी व्यवहार्यता सहायक विद्युत अभियंता द्वारा सत्यापित किए बिना ही उन्होंने अवैध राशि लेकर विद्युत संबंध चालू कर दिया।
इतना ही नहीं, 6 मार्च 2026 को उपभोक्ता के परिसर में बिजली चोरी पकड़े जाने के बावजूद नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई।इसके बजाय जेई ने उपभोक्ता को धमकाकर अवैध वसूली की।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया और वरीय अधिकारियों को बिना सूचना दिए उपभोक्ता से सीधे संपर्क रखा, जिससे वित्तीय लेनदेन में उनकी संलिप्तता प्रमाणित होती है।
कंपनी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, पदीय दायित्वों के उल्लंघन और राजस्व क्षति का मामला मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, दरभंगा (शहरी) निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई को डीएम सावन कुमार की सख्त निगरानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
हाल के दिनों में जिले में बिजली, गैस और अन्य सेवाओं को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है और लापरवाही या भ्रष्टाचार पर सीधे कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्ती से व्यवस्था में सुधार होगा और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। वहीं, विभाग के अन्य कर्मियों में भी इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।