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    सुपौल: आबादी के आधार पर होगा पंचायतों का बंटवारा, पुराने चुनावी समीकरणों के टूटने के आसार

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    पंचायती राज विभाग द्वारा परिसीमन की अधिसूचना जारी होने के बाद सुपौल की पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप और चुनावी समीकरण बदलने की संभावना है। ...और पढ़ें

    आबादी के आधार पर होगा पंचायतों का बंटवारा (AI Generated Image)

    आबादी के आधार पर होगा पंचायतों का बंटवारा (AI Generated Image)

    HighLights

    1. परिसीमन से पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप और सीमाएं बदलेंगी।

    2. जदिया, बघेली जैसी बड़ी पंचायतें दो-तीन हिस्सों में बंटेंगी।

    3. चुनावी समीकरण बदलेंगे, संभावित प्रत्याशी जनसंपर्क में जुटे।

    संवाद सूत्र, त्रिवेणीगंज (सुपौल)। परिसीमन को लेकर पंचायती राज विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप, सीमाएं और चुनावी समीकरण बदलने की संभावना तेज हो गई है।

    लगातार बढ़ती आबादी और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए होने वाले इस परिसीमन को पंचायत व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

    चर्चा है कि जिन पंचायतों की आबादी छह हजार से आठ हजार के बीच होगी, उनका परिसीमन नहीं किया जाएगा। लगभग सात हजार की आबादी पर एक पंचायत बनाए जाने की संभावना है।

    वहीं, 12 हजार से 17 हजार की आबादी वाली पंचायतों को दो हिस्सों में तथा 18 हजार या उससे अधिक आबादी वाली पंचायतों को तीन हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है।

    यदि इसी संभावित फार्मूले के आधार पर परिसीमन किया गया, तो 21 वार्ड वाली जदिया पंचायत तथा 18-18 वार्ड वाली बघेली और महेशुआ, 17 वार्ड वाले पिलुवाहा पंचायत सहित प्रखंड के अन्य बड़ी आबादी वाले पंचायतों का नक्शा बदल सकता है।

    ऐसी पंचायतों के तीन या खासकर दो हिस्सों में विभाजित होने की संभावना है। इस व्यवस्था के तहत प्रखंड की पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप, सीमाएं और चुनावी समीकरण बदलने की संभावना तेज हो गई है।

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    बदलाव को लेकर शुरू है चचाओं का दौर

    लगातार बढ़ती आबादी और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए होने वाले इस परिसीमन को पंचायत व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अधिसूचना जारी होने के बाद संभावित नई पंचायतों की सीमाएं, नामकरण और वार्डों के पुनर्गठन को लेकर आम लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    गांवों की चौपाल से लेकर बाजारों तक लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि कौन-सा गांव किस पंचायत में रहेगा और किन पंचायतों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें पंचायती राज विभाग और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। बड़ी आबादी वाली पंचायतों और वार्डों का पुनर्गठन लगभग तय माना जा रहा है।

    सर्वाधिक आबादी वाले गांव के नाम पर रखा जाएगा पंचायत का नाम

    नई पंचायतों का नाम उस क्षेत्र की सर्वाधिक आबादी वाले गांव के नाम पर रखे जाने की संभावना है। परिसीमन का असर केवल पंचायतों की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव पंचायत चुनाव पर भी पड़ेगा।

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    नई पंचायतों के गठन अथवा वार्डों के पुनर्गठन की स्थिति में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, वार्ड पंच और जिला परिषद सदस्य के पदों की संख्या में भी बदलाव संभव है। हालांकि, पदों की अंतिम संख्या परिसीमन के प्रारूप, प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    इधर, संभावित बदलावों की आहट मिलते ही पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशी भी सक्रिय हो गए हैं। कई दावेदार अपने-अपने संभावित क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने, सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने और लोगों से संपर्क मजबूत करने में जुट गए हैं।

    उनका मानना है कि यदि परिसीमन उनकी संभावनाओं के अनुरूप रहा तो चुनावी मैदान में वे मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। परिसीमन के बाद कई पुराने चुनावी समीकरण टूट सकते हैं, जबकि नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी उभर सकते हैं।

    जिन पंचायतों की सीमाएं बदलेंगी, वहां मतदाताओं का स्वरूप भी बदल जाएगा, जिससे चुनावी मुकाबला पहले की तुलना में अधिक रोचक होने की संभावना है।

    दो या तीन हिस्सों में बंट सकती हैं बड़ी पंचायतें

    यदि इसी संभावित फॉर्मूले के आधार पर परिसीमन किया गया, तो 21 वार्ड वाली जदिया पंचायत तथा 18-18 वार्ड वाली बघेली और महेशुआ, 17 वार्ड वाले पिलुवाहा पंचायत सहित प्रखंड के अन्य बड़ी आबादी वाले पंचायतों का स्वरूप बदल सकता है। ऐसी पंचायतों के तीन या खासकर दो हिस्सों में विभाजित होने की संभावना है।

    क्या बताते हैं बीपीआरओ?

    प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही परिसीमन से संबंधित सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी।

    प्रखंड की वर्तमान पंचायत व्यवस्था

    • कुल पंचायत : 23
    • जिला परिषद सदस्य पद : 4
    • पंचायत समिति सदस्य पद : 32
    • मुखिया पद : 23
    • सरपंच पद : 23
    • वार्ड सदस्य पद : 319
    • वार्ड पंच पद : 319