सुपौल में हनुमान-राम की प्रतिमाओं पर कालिख, दीवारों पर आपत्तिजनक लिखावट से भड़का आक्रोश; पुजारी पर भद्दी टिप्पणी
सुपौल के त्रिवेणीगंज में एक सार्वजनिक मंदिर में हनुमान और राम-लक्ष्मण की प्रतिमाओं पर कालिख पोत दी गई, साथ ही दीवारों पर पुजारी के खिलाफ आपत्तिजनक शब् ...और पढ़ें

सुपौल में मंदिर पर हमला: हनुमान-राम की प्रतिमाओं पर कालिख, इलाके में तनाव
HighLights
त्रिवेणीगंज मंदिर में हनुमान-राम की प्रतिमाएं विरूपित की गईं।
पुजारी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द दीवारों पर लिखे मिले।
प्रशासन ने सफाई कराकर पुलिस बल तैनात किया, जांच जारी।
संवाद सूत्र, त्रिवेणीगंज (सुपौल)। शहर के चिलौनी नदी पुल के पास स्थित एक सार्वजनिक मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई हरकत से गुरुवार सुबह इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। मंदिर में स्थापित हनुमान जी तथा भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की प्रतिमाओं पर कालिख पोत दी गई, वहीं मंदिर की दीवारों पर पुजारी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द भी लिख दिए गए। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।
सुबह टहलने निकले लोगों ने देखा दृश्य
गुरुवार सुबह जब स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले और मंदिर परिसर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर दंग रह गए। प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखकर उन्होंने तुरंत अन्य लोगों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और घटना को लेकर नाराजगी जताने लगे। धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम अभिषेक कुमार, एसडीपीओ विभाष कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार पासवान, अंचलाधिकारी प्रियंका सिंह, बीडीओ मोहम्मद सदरूल हसन, बीपीआरओ मनीष कुमार तथा थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।

तत्काल सफाई और सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रतिमाओं को लाल कपड़े से ढकवाया। इसके बाद पेंटर बुलाकर प्रतिमाओं पर पोती गई कालिख और मंदिर की दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक शब्दों को हटवाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मंदिर परिसर में दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
खबरें और भी
स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुजारी ने जताई चिंता
मंदिर के पुजारी एतवारी शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम वे मंदिर का ग्रिल बंद कर घर चले गए थे। रात में किसी ने मंदिर की लाइट बंद कर इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी उन्हें इस तरह से परेशान किया जाता रहा है, जिससे वे चिंतित हैं।
हाल ही में हुई थी नई प्रतिमा की स्थापना
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण आपसी सहयोग और चंदा से कराया गया है। हाल ही में रामनवमी के अवसर पर भजन-कीर्तन के बीच हनुमान जी के कंधे पर विराजमान भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की बड़ी प्रतिमा स्थापित की गई थी। स्थापना के कुछ ही दिनों बाद इस तरह की घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर निर्माण के दौरान स्थापित एक छोटी प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में असुरक्षा और रोष बढ़ता जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोषियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।