65 करोड़ का रिंग बांध पहली परीक्षा में ही लड़खड़ाया, बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर से टूटा सुरक्षा कवच
वैशाली के गनियारी गांव में 65 करोड़ रुपये की लागत से बना रिंग बांध गंगा के बढ़ते जलस्तर से क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवा ...और पढ़ें

बढ़ते जलदबाव से खिसकने लगे बोल्डर
HighLights
65 करोड़ का रिंग बांध गंगा के बढ़ते जलस्तर से क्षतिग्रस्त।
बांध में दरारें, धंसाव; सुरक्षा तार टूटे, बोल्डर बहे।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर जांच और मरम्मत की मांग की।
संवाद सूत्र, सहदेई बुजुर्ग(वैशाली)। गनियारी गांव को गंगा कटाव से बचाने के लिए करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया रिंग बांध गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच क्षतिग्रस्त हो गया है। इसी वर्ष बने इस बांध के कई हिस्सों में दरारें और धंसाव की स्थिति सामने आई है।
जानकारी के अनुसार देसरी प्रखंड के खड़गपुर से सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के नयागांव स्थित नीलकंठ ब्रह्म स्थान तक 1710 मीटर लंबे रिंग बांध का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही बरसात और बढ़ते जलदबाव ने इसकी मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टूटे सेफ्टी वायर, नदी में बहे बोल्डर
रिंग बांध के कई हिस्सों में सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डरों को बांधने वाले सेफ्टी वायर टूट गए हैं। तेज बहाव के कारण कई बोल्डर गंगा नदी में बह गए हैं।
इसके अलावा नदी की ओर बने ढलान वाले हिस्से में कई जगह धंसाव भी देखा गया है। इससे बांध की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बढ़ते जलदबाव से खिसकने लगे बोल्डर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जलदबाव के कारण बांध किनारे लगाए गए बोल्डर अपनी जगह से खिसकने लगे हैं।
कई स्थानों पर सुरक्षा जाल पूरी तरह टूट चुका है, जबकि कुछ हिस्सों में बोल्डर बह जाने से कटाव का खतरा बढ़ गया है।
मरम्मत नहीं हुई तो बढ़ सकता है कटाव
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने आशंका जताई है कि कटाव बढ़ने पर आसपास के गांवों और कृषि भूमि पर फिर से खतरा मंडरा सकता है।
पिछले साल दर्जनों घर गंगा में समा गए थे
गौरतलब है कि पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान नयागांव पंचायत के गनियारी गांव में गंगा नदी ने जबरदस्त कटाव किया था। इस दौरान दर्जनों परिवारों के घर नदी में समा गए थे और कई लोग बेघर हो गए थे।
कटाव का खतरा बढ़ते-बढ़ते हाजीपुर-महनार एनएच-122बी तक पहुंच गया था, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी।
गांव और एनएच को बचाने के लिए बना था बांध
इसी खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर इस रिंग बांध का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य गनियारी गांव, आसपास की आबादी और एनएच-122बी को कटाव और बाढ़ से सुरक्षित रखना था।
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लेकिन निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सामने आई क्षति ने परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निरीक्षण के तीन दिन बाद ही सामने आई खामियां
उल्लेखनीय है कि महज तीन दिन पहले ही जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने निर्माणाधीन और नवनिर्मित रिंग बांध का स्थलीय निरीक्षण किया था।
उन्होंने निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।
निर्माण गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल
निरीक्षण के कुछ ही दिनों बाद रिंग बांध का क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस परियोजना से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, लेकिन शुरुआती दौर में ही आई खामियों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने और पूरे बांध का उच्चस्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है।
साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटाव से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।