यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटना, आरा, बक्सर के रास्ते जयनगर से उधना के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, एक क्लिक में पढ़ें पूरी डिटेल
भारतीय रेलवे ने पटना एवं आरा के रास्ते उधना के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बिह ...और पढ़ें

जागरण टीम, हाजीपुर/आरा। यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर जयनगर एवं उधना के मध्य स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस संबंध में पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने प्रेस रिलीज जारी की है। उन्होंने बताया कि जयनगर से उधना के लिए गाड़ी संख्या 09002 जयनगर-उधना स्पेशल ट्रेन 28 मई को जयनगर से 02.00 बजे चलेगी।
यहां से चलकर यह गाड़ी 02.45 बजे मधुबनी, 03.50 बजे दरभंगा, 05.10 बजे समस्तीपुर, 06.50 बजे बरौनी, 09.00 बजे मोकामा, 09.35 बजे बख्तियारपुर, 10.20 बजे पटना, 11.25 बजे आरा, 12.30 बजे बक्सर, 13.40 बजे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचेगी।
इसके बाद यह स्पेशल ट्रेन प्रयागराज छिवकी, सतना, कटनी जबलपुर, इटारसी सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए 29 मई को 14.30 बजे उधना पहुंचेगी। इस स्पेशल ट्रेन में शयनयान श्रेणी के 20 कोच लगेंगे।
आरा: स्पेशल ट्रेन का AC फेल, परेशान यात्रियों ने तोड़े शीशे
आनंद विहार से पटना को जाने वाली स्पेशल ट्रेन में जेनरेटर बंद होने से एसी बोगी में सफर कर रहे यात्रियों का दम घुटने लगा। भीषण उमस और कर्मी में बंद एसी बोगी माइक्रोवेव ओवन की तरह गर्म होने लगी और इसमें सफर कर रहे बच्चे ओर बुजुर्ग सांस फूलने से बेचैन होने लगे।
यात्रियों ने कोच अटेंडेंट से इसकी शिकायत की, लेकिन उसने भी लाचारी जता दी। इसके बाद मजबूरी में यात्रियों ने एसी कोच के शीशे तोड़ डाले। बाहर से हवा आने से उन्हे कुछ राहत मिली। घटना को लेकर शनिवार की शाम 45 मिनट तक आरा जंक्शन पर ट्रेन रुकी रही।
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घटना के प्रत्यक्षदर्शी मो. इसरार ने बताया कि आनंद विहार से ट्रेन शुक्रवार की रात करीब 11:20 में खुली। उसके बाद डीडीयू जंक्शन तक जैसे तैसे स्पेशल ट्रेन का एसी चल रहा था। पीडीडीयू जंक्शन पर इसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी, मगर उसके बाद भी खराब हुआ एसी नहीं बना।
खगड़िया के आलोक ने बताया कि कई लोगों का दम घुट रहा था। कई लोगों की सांसे फूलने लगी थी। इसके बाद बक्सर के पास इमरजेंसी खिड़की को निकाला गया। फिर भी कोई राहत की सांस नहीं ले पा रहा था। तब तक यह ट्रेन बक्सर तक पहुंच चुकी थी। बक्सर में भी शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।