लगातार 7वें शनिवार भी ई-रिक्शा से ऑफिस पहुंचीं वैशाली DM, नो फ्यूल डे बना मिसाल
वैशाली जिला प्रशासन का 'नो फ्यूल डे' अभियान लगातार सातवें शनिवार को भी उत्साहपूर्वक जारी रहा, जिसमें डीएम वर्षा सिंह स्वयं ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंची ...और पढ़ें
HighLights
डीएम वर्षा सिंह ई-रिक्शा से पहुंचीं समाहरणालय।
ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण है मुख्य उद्देश्य।
अभियान हर शनिवार को नियमित रूप से चलेगा।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की दिशा में वैशाली जिला प्रशासन का 'नो फ्यूल डे' अभियान लगातार गति पकड़ रहा है।
महज औपचारिकता बनकर रह जाने वाले ऐसे अभियानों से अलग, वैशाली में यह पहल लगातार सातवें शनिवार भी पूरे उत्साह के साथ जारी रही।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह स्वयं ई-रिक्शा से समाहरणालय पहुंचीं और अधिकारियों-कर्मचारियों को भी स्वच्छ परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत शनिवार को सरकारी कार्यालयों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने यथासंभव पेट्रोल और डीजल चालित निजी वाहनों का उपयोग नहीं किया।
दूसरे अधिकारी-कर्मी भी पैदल, साइकिल और अन्य माध्यम से पहुंचे
उनकी जगह ई-रिक्शा, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन तथा पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। प्रशासन का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
डीएम वर्षा सिंह ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों सहित स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन साधनों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
इससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, वायु प्रदूषण घटेगा और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते वायु प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों से भी किया जा सकता है।
यदि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में कम-से-कम एक दिन निजी ईंधन चालित वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन, साइकिल, पैदल आवागमन अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करे, तो ईंधन की बड़ी बचत के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण काे बनाएं जीवन का हिस्सा
डीएम ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
जिला प्रशासन के अनुसार, 'नो फ्यूल डे' अभियान प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से हरित परिवहन, स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल धीरे-धीरे आम लोगों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।