वैशाली में CM के दौरे के बाद अफसर का VIDEO वायरल, कहा- बस दिखावे के लिए थे चोकर के बोरे
वैशाली में बाढ़ पीड़ितों के लिए लाई गई राहत सामग्री पर सवाल उठे हैं, जहां मुख्यमंत्री के दौरे के बाद ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद चोकर के बोरे वापस ले जाए गए।
वायरल ऑडियो में अधिकारी ने दिखावे की बात स्वीकार की।
बाढ़ पीड़ितों के लिए लाई सामग्री का वितरण नहीं हुआ।
जागरण संवाददाता, वैशाली/पटना। वैशाली जिले में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के बाद वायरल हुए एक वीडियो और कथित ऑडियो ने राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एंबुलेंस के अंदर चोकर के चार-पांच बोरे रखे नजर आ रहे हैं।
वीडियो में चालक इन बोरों को एंबुलेंस से वापस ले जाता दिखाई दे रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने राहत सामग्री के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री के सामने दिखाने के लिए रखे थे चोकर के बोरे?
बताया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के मवेशियों के लिए राहत शिविर में चोकर के बोरे रखे गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इनका वितरण प्रभावित परिवारों के बीच नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद जब चोकर के बोरे एंबुलेंस से वापस ले जाए जाने लगे, तो स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बना लिया।
वायरल वीडियो में एक ग्रामीण एंबुलेंस चालक से चोकर वापस ले जाने को लेकर सवाल करता नजर आता है। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर जिला पशुपालन पदाधिकारी को फोन लगाया और मोबाइल ग्रामीण को दे दिया। इसके बाद हुई कथित बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कथित ऑडियो में ‘सीएम के कार्यक्रम’ और ‘डीएम के कहने’ का जिक्र
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर जिला पशुपालन पदाधिकारी यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था और जिलाधिकारी के कहने पर शिविर में अपने पैसे से चोकर के बोरे लाकर रखे गए थे।
ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि बोरे वितरण के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए रखे गए थे।
बातचीत में कथित तौर पर कार्यक्रम खत्म होने के बाद चोकर वापस ले जाने और अधिकारियों की ओर से मजबूरी तथा प्रोटोकॉल का हवाला दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, वायरल ऑडियो में आवाज और बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राहत सामग्री थी या सिर्फ ‘दिखावे’ का इंतजाम? ग्रामीणों ने उठाया सवाल
वीडियो और कथित ऑडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर चोकर बाढ़ पीड़ितों के मवेशियों के लिए लाया गया था, तो उसका वितरण प्रभावित परिवारों के बीच किया जाना चाहिए था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री को मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान दिखाने के लिए रखना और उनके जाने के बाद वापस ले जाना बाढ़ पीड़ितों के साथ अन्याय है। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा मामला, प्रशासन के जवाब का इंतजार
मामला वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे से जुड़ा बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो और कथित ऑडियो के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चोकर के बोरे वास्तव में वितरण के लिए लाए गए थे या केवल मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान दिखाने के लिए?
वायरल सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे मामले पर जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। अधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद ही वायरल दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: जागरण इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
