विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पश्चिम चंपारण में किसानों के लिए ड्रोन सेवा शुरू, सात मिनट में आठ कट्ठे खेत में छिड़काव, 50 प्रतिशत छूट

Published: Tue, 11 Aug 2026 04:17 PM (IST)

पश्चिम चंपारण में किसानों को कृषि ड्रोन से नैनो यूरिया और डीएपी के छिड़काव पर 50 प्रतिशत किराए की छूट ...और पढ़ें

पश्चिम चंपारण में बैठक करते पदाधिकारी। जागरण

पश्चिम चंपारण में बैठक करते पदाधिकारी। जागरण

HighLights

  1. ड्रोन से नैनो यूरिया, डीएपी छिड़काव पर 50 प्रतिशत छूट।

  2. आधुनिक कृषि तकनीक से किसानों को जोड़ने का प्रयास।

  3. कम समय में फसल प्रबंधन, श्रम और लागत बचत।

संवाद सूत्र, इनरवा (पश्चिम चंपारण)। सहायक निदेशक पौधा संरक्षण सौरव कुमार एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी रमेश कुमार गुप्ता ने प्रखंड क्षेत्र में संचालित कृषि ड्रोन से कीटनाशी एवं तरल उर्वरक छिड़काव योजना की जानकारी किसानों को दी।

किसान भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने योजना के लाभ और ड्रोन के उपयोग की प्रक्रिया के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों के खेतों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के छिड़काव के लिए भाड़े पर कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके लिए निर्धारित भाड़े में किसानों को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। ड्रोन की मदद से करीब सात मिनट में आठ कट्ठा खेत में आसानी से उर्वरक का छिड़काव किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और कम समय में बेहतर तरीके से फसल प्रबंधन के उद्देश्य से ड्रोन को बढ़ावा दिया जा रहा है। नया कृषि ड्रोन खरीदने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का भी प्राविधान है। मौके पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

नैनो उर्वरकों को लेकर किसानों में जागरूकता कमी

नैनो उर्वरकों के प्रभाव को लेकर किसानों में अभी जागरूकता और व्यवहारिक अनुभव सीमित है। ऐसे में कृषि में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन से छिड़काव की योजना शुरू की गई है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से उर्वरक का छिड़काव किया जा सकता है।

किसानों को श्रम और समय की बचत होगी तथा निर्धारित भाड़े में 50 प्रतिशत छूट से लागत भी कम होगी। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं। ड्रोन से छिड़काव के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर और तकनीकी जानकारी जरूरी है। तेज हवा या वर्षा में छिड़काव प्रभावित हो सकता है।