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    पश्चिमी चंपारण में औचक निरीक्षण में गायब मिले 7 स्वास्थ्यकर्मी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 06:27 AM (IST)

    बगहा दो प्रखंड में टीकाकरण अभियान में घोर लापरवाही सामने आई है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश सिंह नीरज ने बिना सूचना अनुपस्थित पाई गईं सात एएन ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर

    सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. बगहा में टीकाकरण अभियान में 7 एएनएम अनुपस्थित पाई गईं।

    2. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी से स्पष्टीकरण की मांग की है।

    3. लापरवाही पर वेतन कटौती और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

    संवाद सूत्र, बगहा। बगहा दो प्रखंड में टीकाकरण अभियान के दौरान कर्मियों द्वारा बरती गई घोर लापरवाही सामने आई है। इसको लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश सिंह नीरज ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की है। प्रभारी ने लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों व एएनएम के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।

    उन्होंने बताया कि टीकाकरण के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले सात एएनएम से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। संबंधित कर्मियों को लिखित रूप में अपना पक्ष देने का निर्देश दिया गया है।

    लापरवाह टीका कर्मियों में कोमल कुमारी (स्वास्थ्य उपकेंद्र बरवल), कुमारी ज्योति (स्वास्थ्य उपकेंद्र बैराटी), प्रिया कुमारी (स्वास्थ्य उपकेंद्र चरहिया), कंचन कुमारी (स्वास्थ्य उपकेंद्र तसुअनवा), श्वेता भारती (स्वास्थ्य उपकेंद्र पिपराकुट्टी), श्वेता कुमारी (स्वास्थ्य उपकेंद्र सिरजी ब्रह्मपुर) व अर्चना कुमारी (स्वास्थ्य उपकेंद्र झरहरवा) का नाम शामिल है।

    प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि वरीय अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के आलोक में शुक्रवार दो जनवरी को प्रस्तावित टीकाकरण कार्यक्रम को सोमवार पांच जनवरी को संपन्न कराया जाना था, लेकिन उपर्युक्त एएनएम बिना सूचना के अपने-अपने टीकाकरण स्थल से अनुपस्थित पाई गईं।

    इसे सरकार के अत्यंत महत्वपूर्ण व महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के प्रति लापरवाही, उदासीनता व आदेशों की अवहेलना माना गया है। डॉ. राजेश सिंह नीरज ने बताया कि इस लापरवाही के चलते संबंधित एएनएम के उस दिन के मानदेय/वेतन में कटौती की जा रही है।

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    साथ ही सभी को निर्देश दिया गया है कि पत्र निर्गत होने की तिथि से 24 घंटे के भीतर अपनी ओर से स्पष्ट व संतोषजनक स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत करें। अन्यथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदित किया जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी गई है।