पश्चिम चंपारण में जंगली जानवर का आतंक, तेंदुए के हमले से दो महिलाएं घायल, इलाके में दहशत
West Champaran Leopard Attack:पश्चिम चंपारण के बगहा में एक जंगली जानवर के हमले से दो महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें एक की हालत गंभीर है। वन विभाग जांच कर ...और पढ़ें

तेंदुए के हमले से जख्मी।
संवाद सूत्र, पिपरासी (पश्चिम चंपारण)। Leopard Attack: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में शुक्रवार सुबह रिहायशी इलाके में पहुंचे एक जंगली जानवर के हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
नदी थाना क्षेत्र के दियारा इलाके स्थित बलुआ ठोरी पंचायत में कथित तेंदुए के हमले में दो महिलाएं घायल हो गईं। इनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में चल रहा है।
घर के पीछे खड़ी महिलाओं पर किया हमला
मुखिया संतोष कुशवाहा ने बताया कि बलुआ गांव निवासी 45 वर्षीय पतरी देवी और 20 वर्षीय रुक्मिणी देवी शुक्रवार सुबह अपने घर के पीछे खड़ी थीं। इसी दौरान दियारे की ओर से आया जंगली जानवर अचानक गांव में घुस गया और दोनों महिलाओं पर हमला कर दिया।
हमले में पतरी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि रुक्मिणी देवी किसी तरह बच निकलीं। घटना के बाद जंगली जानवर फिर दियारे की ओर भाग गया।
वन विभाग की टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग को जानकारी दी गई। बगहा वन क्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ने बताया कि मौके पर टीम भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था, बाघ था या कोई अन्य वन्य जीव।
कई दिनों से दिख रही थी गतिविधि
ग्रामीणों के अनुसार दियारा और सीमावर्ती इलाकों में पिछले कई दिनों से जंगली जानवर की गतिविधियां देखी जा रही थीं। करीब तीन दिन पहले पिपरासी पंचायत के कनकटहा सरेह में ग्रामीणों ने उसे विचरण करते देखा था। वहीं छह दिन पहले पीपी तटबंध के पास पंचायत सरकार भवन के समीप से गुजरते हुए भी जानवर को देखा गया था।
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ग्रामीण सिद्धार्थ कुशवाहा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह यूपी सीमा की ओर बढ़ गया था।
यूपी सीमा से जुड़ रही आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के पूर्नहा मिश्रा गांव में एक मादा तेंदुए को पकड़कर गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया था। इसके बाद उसका साथी बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में घूम रहा है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले भी जंगली जानवर कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। करीब एक वर्ष पहले पिपरासी पंचायत के नोनियाटोली में बकरियों पर हमले के बाद वन विभाग ने एक तेंदुए को पिंजरे में कैद किया था।
हाल के दिनों में मवेशियों पर हमले की कई घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। समाजसेवी विवेक यदुवंशी, कैलाश गुप्ता और सरपंच दिनेश्वर तिवारी ग्रामीणों को समूह में लाठी-डंडे के साथ दियारे में जाने की सलाह दे रहे हैं।