पश्चिम चंपारण में किराना दुकान में गांजा और स्मैक की पुड़िया बेचते मां- बेटा गिरफ्तार
बेतिया के जबदौल गांव में एक किराना दुकान की आड़ में गांजा और स्मैक बेचने के आरोप में मां-बेटे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने छापेमारी कर 1.140 किलो ...और पढ़ें

जब्त मादक पदार्थ के साथ पुलिस हिरासत में आरोपित मां- बेटा। सौ. पुलिस
HighLights
किराना दुकान की आड़ में गांजा-स्मैक की बिक्री।
पुलिस ने मां-बेटे को रंगे हाथों किया गिरफ्तार।
1.140 किलो गांजा, 3 ग्राम स्मैक बरामद।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण) । कुमारबाग थाना क्षेत्र के जबदौल गांव में किराना दुकान की आड़ में गांजा और स्मैक की पुड़िया बेचने का मामला सामने आया है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने बुधवार की सुबह में दुकान में छापेमारी कर गांजा और स्मैक जैसा मादक पदार्थ बरामद किया।
मौके से दुकान संचालक सनी कुमार (24) और उसकी मां गीता देवी (45) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सनी के बाहर से मादक पदार्थ लाने जाने के दौरान उसकी मां दुकान से पुड़िया बनाकर बिक्री करती थी।
जबदौल गांव स्थित किराना दुकान से गांजा जैसे मादक पदार्थ की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना का सत्यापन करने के बाद थानाध्यक्ष पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुकान पर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान दुकान से करीब 1.140 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसे छोटी-छोटी पुड़ियों में तैयार कर रखा गया था। इसके अलावा तीन ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ भी पुड़िया और खुले रूप में मिला है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही थी।
पुलिस सूखा नशा की आपूर्ति करने वाले गिरोह के पर्दाफाश के जानकारी जुटा रही है। थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि बरामद मादक पदार्थों को जब्त कर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
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दुकान की आड़ में चल रहा था नशे का कारोबार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि किराना दुकान की आड़ में लंबे समय से सूखे नशे का कारोबार किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि दुकान पर आने वाले ग्राहकों को किराना सामान के साथ मादक पदार्थों की पुड़िया भी बेची जाती थी।
बेटे के बाहर से माल लाने के दौरान उसकी मां दुकान संभालती थी और पुड़िया बेचती थी।चर्चा है कि प्रतिदिन शाम में दुकान पर नशेबाजों की भीड़ लग जाती थी। गांव के कुछ सभ्य लोगों ने इसका विरोध भी किया था।