Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सीओ की हड़ताल से राजस्व कार्य ठप, Mutation व परिमार्जन के हजारों मामले केवल बगहा में लंबित

    By Vinod Rao Edited By: Ajit kumar
    Updated: Wed, 25 Mar 2026 02:50 PM (IST)

    LPC Certificate Bihar-अंचलाधिकारियों की हड़ताल के कारण बगहा अनुमंडल में राजस्व कार्य ठप हैं। म्यूटेशन, परिमार्जन और ई-मापी के हजारों मामले लंबित पड़े ...और पढ़ें

    यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।

    यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है। 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    विनोद राव, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Mutation Pending Cases: अंचलाधिकारियों की हड़ताल का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। बगहा अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में राजस्व से जुड़े कार्य लगभग ठप हो गए हैं, जिससे म्यूटेशन, परिमार्जन और ई-मापी के हजारों मामले लंबित पड़े हैं।

    स्थिति यह है कि अपनी ही जमीन से जुड़े कागजातों के सुधार के लिए लोगों को बार-बार अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिल पा रहा।

    बैंक से ऋण लेने में परेशानी

    दाखिल-खारिज और एलपीसी जैसे जरूरी कार्यों में देरी के कारण किसानों को बैंक से ऋण लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी परेशानी हो रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर आवेदनों का निपटारा नहीं होने से न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर जमीन की मापी नहीं होने से विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।

    बीडीओ के प्रभार लेने से अंतर नहीं

    राजस्व कार्यों में आई इस सुस्ती की मुख्य वजह अंचलाधिकारियों की हड़ताल बताई जा रही है। फिलहाल प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, लेकिन वे पहले से ही अपने विभागीय कार्यों में व्यस्त हैं, जिसके कारण राजस्व मामलों को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा।

    परिमार्जन के 1730 आवेदन लंबित

    ठकराहा प्रखंड में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के सैकड़ों मामले लंबित हैं। वहीं रामनगर, भितहा, बगहा-एक और बगहा-दो प्रखंडों में भी लंबित आवेदनों का अंबार लगा हुआ है। बगहा-दो प्रखंड में तो परिमार्जन के 1730 और दाखिल-खारिज के 334 मामले लंबित हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

    खबरें और भी

    राजस्व व्यवस्था चरमराई

    मधुबनी प्रखंड में भी दाखिल-खारिज, एलपीसी, पैमाइश और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े कई मामले अटके हुए हैं। इससे साफ है कि पूरे अनुमंडल क्षेत्र में राजस्व व्यवस्था चरमरा गई है।

    लोगों का कहना है कि अधिकारी फिलहाल हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे समस्याएं और बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में आम जनता को जल्द राहत दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    विभिन्न प्रखंडों में लंबित मामलों का विवरण

    प्रखंड दाखिल-खारिज परिमार्जन / परिमार्जन प्लस ई-मापी / मापी / पैमाइश एलपीसी अन्य
    ठकराहा 61 557 (परिमार्जन प्लस) 12 (ई-मापी) 23 11 (परिमार्जन लेफ्ट आउट)
    रामनगर 51 57 07 (पैमाइश) 17
    भितहा 07 49 02 (मापी)
    बगहा-दो 334 1730 70 (मापी)
    बगहा-एक 200 150 60 (ई-मापी)
    मधुबनी 45 35 21 (पैमाइश) 08 70 (जाति, निवास, आय)