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बिहार में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, मंडप में पेट दर्द के बाद बेहोश होकर गिरे दूल्हे ने तोड़ा दम

By Md Muslim Edited By: Ajit kumar
Published: Fri, 26 Jun 2026 05:04 PM (IST)

Bihar News: पश्चिम चंपारण के मझौलिया में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं, जहां मंडप में बैठे दूल्हे शक्तिनाथ ...और पढ़ें

शक्तिनाथ शर्मा। फोटो सौ: स्वजन

शक्तिनाथ शर्मा। फोटो सौ: स्वजन

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संवाद सूत्र, मझौलिया (पश्चिम चंपारण)। Paschim Champaran News: जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र स्थित सरिसवा पंचायत के भरवलिया गांव (वार्ड संख्या-6) में गुरुवार को शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।

जिस घर से गाजे-बाजे के साथ बारात निकली थी और जहां शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई।

विवाह की रस्मों के लिए मंडप में बैठे दूल्हे की अचानक तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद दोनों ही परिवारों में कोहराम मच गया है।

शादी के जोड़े में बैठा था जोड़ा

जानकारी के अनुसार, भरवलिया निवासी स्वर्गीय जगदीश शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र शक्तिनाथ शर्मा की बारात पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के चिकनी गांव गई थी। वहां संतोष शर्मा की पुत्री रघुनी कुमारी के साथ रामगढ़वा के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में विवाह संपन्न होना था।

दोपहर करीब दो बजे बारात रामगढ़वा पहुंची, जहां वधू पक्ष ने बारातियों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद करीब तीन बजे दूल्हा और दुल्हन विवाह के जोड़े में सज-धजकर मंडप में बैठ गए।

अभी शादी की रस्में शुरू ही होने वाली थीं और कुछ ही देर में सात फेरे होने थे कि अचानक दूल्हे के पेट में असहनीय तेज दर्द शुरू हो गया।

अस्पताल ले जाने के दौरान तोड़ा दम

दूल्हे की हालत बिगड़ती देख परिजन और शादी में मौजूद लोग उसे शादी के जोड़े में ही तुरंत एक स्थानीय निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रक्सौल स्थित एसआरपीएस (SRPS) अस्पताल रेफर कर दिया।

परिजन आनन-फानन में उसे लेकर रक्सौल पहुंचे, लेकिन वहां के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दूल्हे शक्तिनाथ को मृत घोषित कर दिया।

इस मनहूस खबर के मिलते ही शादी वाले घर और मंदिर परिसर में सन्नाटा पसर गया। दुल्हन के हाथों की रची मेहंदी अधूरी रह गई और जिस मंडप से दुल्हन की विदाई होनी थी, वहां से दूल्हे का शव उठा।

माता-पिता का पहले हो चुका था निधन

मृतक के बड़े भाई कर्मा शर्मा ने रोते हुए बताया कि शक्तिनाथ तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उनके माता-पिता का कुछ वर्ष पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद बड़े भाइयों ने ही पाल-पोसकर उसे बड़ा किया और उसकी शादी तय की थी।

उन्हें क्या मालूम था कि जिस भाई के सिर पर वे सेहरा सजाकर ले जा रहे हैं, उसकी डोली की जगह अर्थी वापस लौटेगी। इस घटना के बाद से पूरे सरिसवा पंचायत और वधू पक्ष के चिकनी गांव में शोक की लहर है।