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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज, स्कूल में पैसों के गबन का आरोप; अब खतरे में पड़ी प्रधानाध्यापक की नौकरी

    Updated: Sat, 17 Aug 2024 03:41 PM (IST)

    Bihar Education News In Hindi बिहार के पश्चिम चंपारण में शिक्षा विभाग के पास एक प्रधानाध्यापक की शिकायत पहुंची है। दरअसल गांव वालों ने प्रधानाध्यापक क ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. प्रधानाध्यापक पर ग्रामीणों को अपमानित करने का आरोप
    2. बीईओ के पास पहुंची प्रधानाध्यापक की शिकायत, जांच होगी
    3. स्कूल भवन की मरम्मत में राशि गबन करने का भी आरोप

    संवाद सूत्र, मझौलिया। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में मझौलिया के एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आनंद कुमार ठाकुर पर ग्रामीणों को जाति सूचक शब्द से अपमानित करने का आरोप लगा है।

    ग्रामीणों ने एक आवेदन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक की लापरवाही के कारण विद्यालय साफ सफाई नहीं होती है। स्कूल भवन की मरम्मत में राशि गबन करने का आरोप है।

    शिकायत करने पर ग्रामीणों को अपमानित किया है। आवेदन पर स्कूल की सचिव पूनम देवी समेत सोनू कुमार, मुन्ना पासवान, संजय पासवान, साधु पासवान, छोटे पासवान, सुनील पासवान, राधिका देवी ,रोशन कुमार ,पप्पू कुमार, जितेंद्र कुमार, अरुण पाल और उमेश पासवान के हस्ताक्षर हैं।

    मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफिजुल रहमान ने कहा है कि आवेदन मिला है। इसकी जांच होगी। इधर, प्रधानाध्यापक आनंद कुमार ठाकुर का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं।

    अनशन में शामिल होंगे वित्तरहित शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी

    पूर्वी चंपारण में मधुबन के भगवान सिंह महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया गया। जिसके बाद महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के द्वारा दिनांक 22 अगस्त से पटना में संघ के द्वारा आयोजित अनिश्चित कालीन अनशन में शामिल होने का संकल्प लिया गया।

    बताया गया कि सरकार से उन सभी की तीन सूत्री मांगों के समर्थन में अनशन का कार्यक्रम तय किया गया है। सरकार से लंबित अनुदान का एकमुश्त भुगतान सीधे कर्मियों के खाते में करने, स्थायी/अस्थाई रूप से अनुशंसित संबद्धता प्राप्त वित्त अनुदानित संस्था की मान्यता पूर्ववत बहाल हो और वित्त अनुदानित कर्मियों को समकक्ष राज्य कर्मियों की भांति वेतन सहित सभी सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाए। 

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