बिहार के सरकारी स्कूलों में नया टाइम टेबल लागू, शनिवार को जल्दी होगी छुट्टी
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में आंशिक बदलाव किया है। अब शनिवार को सभी सरकारी स्कूल दोपहर 1 बजे तक ही संचालित होंगे, जबकि सोम ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के संचालन समय में आंशिक बदलाव करते हुए शनिवार को सभी सरकारी स्कूलों में हाफ डे लागू करने का निर्णय लिया है।
नए आदेश के तहत अब शनिवार को दोपहर एक बजे तक ही विद्यालय संचालित होंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक पूर्व निर्धारित समय के अनुसार पढ़ाई होगी।
शनिवार को हाफ डे रहेगा
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. की ओर से जारी आदेश के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक सभी सरकारी विद्यालय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे। वहीं शनिवार को विद्यालय सुबह 9:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे।
प्राथमिक विद्यालयों में यह रहेगी व्यवस्था
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां शनिवार को दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। इसके बाद 12:00 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन कराया जाएगा। भोजन के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी।
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए नियम
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1:00 बजे तक कक्षाएं और अन्य निर्धारित गतिविधियां संचालित होंगी। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को घर भेज दिया जाएगा।
शिक्षकों की जिम्मेदारियां रहेंगी जारी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद भी शिक्षकों का कार्य समाप्त नहीं होगा। प्रतिदिन कक्षा संचालन के बाद शिक्षकों को अगले दिन और आगामी सप्ताह की पाठ योजना तैयार करनी होगी। इसके अलावा कॉपियों का मूल्यांकन, शिक्षक डायरी अपडेट करना, गृहकार्य की जांच, प्रयोगशाला प्रबंधन और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाएं भी संचालित करनी होंगी।
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पूर्व के अन्य नियम रहेंगे लागू
विभाग ने कहा है कि विद्यालय संचालन से संबंधित अन्य सभी निर्देश और व्यवस्थाएं पहले की तरह प्रभावी रहेंगी। नए आदेश का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करना और शिक्षकों को शैक्षणिक तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है।