विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार की तिरहुत नहर में मिली दक्षिण अमेरिका की आर्मर्ड कैटफिश, मछुआरों में कौतूहल और चिंता

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:26 PM (IST)

Armored catfish Bihar:बिहार के पश्चिमी चंपारण की तिरहुत नहर में दक्षिण अमेरिका की आर्मर्ड कैटफिश मिली है, जिससे स्थानीय मछुआरों ...और पढ़ें

आर्मर्ड कैटफिश दिखाते मछुआरे।

आर्मर्ड कैटफिश दिखाते मछुआरे।

HighLights

  1. तिरहुत नहर में मिली दक्षिण अमेरिकी आर्मर्ड कैटफिश।

  2. यह आक्रामक प्रजाति स्थानीय मछलियों के लिए खतरा।

  3. सख्त त्वचा से मछुआरों के जाल को नुकसान।

संवाद सूत्र, योगापट्टी (पश्चिमी चंपारण)। Armored Catfish Tirhut Canal: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड स्थित दोनवार गांव की तिरहुत बड़ी नहर में मछुआरों के जाल में दक्षिण अमेरिका की अमेजन नदी में पाई जाने वाली दुर्लभ और आक्रामक आर्मर्ड कैटफिश मिली है।

इस अनोखी मछली को देखने के लिए स्थानीय लोगों में भारी कौतुहल बना हुआ है, वहीं पर्यावरणविदों और मछुआरों की चिंता बढ़ गई है।

मछुआरों के हाथ लगी मछली

दोनवार गांव के मछुआरे किशुन मुखिया और मनमन चौधरी ने बताया कि जब वे तिरहुत नहर में मछली पकड़ रहे थे, तब उनके जाल में यह अजीबोगरीब मछली फंसी।

प्रारंभिक पहचान के आधार पर इसे दक्षिण अमेरिका की अमेजन बेसिन में पाई जाने वाली आर्मर्ड कैटफिश (सकरफिश) बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक वैज्ञानिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

एक्वेरियम से प्राकृतिक स्रोतों तक पहुंच

विशेषज्ञों के अनुसार, इस विदेशी मछली को भारत में मुख्य रूप से घरों के एक्वेरियम में काई (Algae) साफ करने के उद्देश्य से लाया जाता है।

जब यह मछली आकार में बड़ी हो जाती है, तो लोग इसे अक्सर अनजाने में पास के नालों, नदियों या नहरों में छोड़ देते हैं।

इसके अलावा गंडक नदी और तिरहुत नहर प्रणाली के आपस में जुड़े होने तथा मानसून की बाढ़ के कारण यह जलीय जीव प्राकृतिक जल स्रोतों में तेजी से फैल रहा है।

जलीय तंत्र के लिए बड़ा खतरा

प्राकृतिक जल स्रोतों में आर्मर्ड कैटफिश का पाया जाना पारिस्थितिकी संतुलन के लिए खतरे की घंटी है। यह एक अत्यधिक आक्रामक प्रजाति (Invasive Species) है, जो स्थानीय देशी मछलियों जैसे रोहू, कतला और नैन के अस्तित्व के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है।

यह मछली तलहटी में मौजूद सड़े-गले पदार्थों के साथ-साथ देशी मछलियों के अंडों और उनके बच्चों को भी चट कर जाती है, जिससे स्थानीय जलीय जीवों की संख्या तेजी से घट रही है।

मछुआरों को आर्थिक नुकसान

इस विदेशी मछली की त्वचा बहुत सख्त और बख्तरबंदनुमा होती है, जिस कारण इसे खाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके शरीर पर मौजूद तीखे और कड़े पंख (Spines) इतने खतरनाक होते हैं कि इनसे मछुआरों के जाल तक कट जाते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।