19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, माता का डोली पर आगमन, 27 मार्च को हवन और कुमारी पूजन
Goddess Durga Worship: चैत्र नवरात्र 19 मार्च को सुबह 6:50 बजे से शुरू हो रहा है, इसी दिन सनातन नववर्ष भी आरंभ होगा। श्रद्धालु घरों और मंदिरों में कलश ...और पढ़ें

लोग श्रद्धा भाव से माता की आराधना की तैयारी में जुटे हुए हैं। जागरण आर्काइव
HighLights
चैत्र नवरात्र 19 मार्च से, सनातन नववर्ष का भी आरंभ।
माता का आगमन डोली पर, प्रस्थान घोड़े पर होगा।
27 मार्च को हवन और कुमारी पूजन का आयोजन।
संवाद सूत्र, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Navratri Kalash Sthapana Time: चैत्र मास की अमावस्या 18 मार्च को पड़ रही है। इसके अगले दिन 19 मार्च को प्रातः 6:50 बजे से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी।
इसी दिन से सनातन परंपरा के अनुसार नववर्ष का भी आरंभ माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु घरों और मंदिरों में कलश स्थापना कर माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे।
नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। नौ दिनों तक व्रत-उपवास रखकर श्रद्धालु भक्ति भाव से माता की पूजा करते हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
आचार्य डॉ. अशोक मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष माता का आगमन डोली पर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार डोली पर आगमन समाज और प्रकृति में कुछ विशेष परिवर्तन का संकेत माना जाता है। वहीं नवरात्र के समापन पर नवमी तिथि को माता का प्रस्थान घोड़े पर होगा, जिसे शक्ति, ऊर्जा और तेज का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष महानिशा पूजा 25 और 26 मार्च को संपन्न होगी, जिसमें काली और माता दुर्गा की विशेष साधना की जाएगी। इसके बाद 27 मार्च को हवन और कुमारी पूजन का आयोजन होगा। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
नवरात्र को लेकर क्षेत्र के मंदिरों और पूजा स्थलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों की साफ-सफाई और सजावट की जा रही है। श्रद्धालुओं में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है और लोग श्रद्धा भाव से माता की आराधना की तैयारी में जुटे हुए हैं।