कार्डियक अरेस्ट के समय एंबुलेंस आने तक सीपीआर बन सकता है जीवनरक्षक
रोटरी क्लब बेतिया, इनर व्हील क्लब और बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन ने सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें डॉ. उमेश कुमार ...और पढ़ें

सीपीआर की विधि की बताते डॉ. उमेश कुमार। जागरण
HighLights
रोटरी क्लब बेतिया ने सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
डॉ. उमेश कुमार ने 40 लोगों को सीपीआर सिखाया।
कार्डियक अरेस्ट में सीपीआर जीवनरक्षक साबित होता है।
जागरण संवाददाता, बेतिया। सड़क, रेलवे स्टेशन या किसी सार्वजनिक स्थान पर अचानक कोई व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जूझने लगे तो उस समय आसपास मौजूद लोगों की छोटी-सी मदद भी उसकी जान बचा सकती है।
हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक के शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही तरीके से दिया गया सीपीआर मरीज को नई जिंदगी दे सकता है।
इसी उद्देश्य से रोटरी क्लब बेतिया, इनर व्हील क्लब एवं बिहार आर्थोपेडिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सुप्रिया रोड स्थित डॉ. प्रदीप कुमार के क्लीनिक में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. उमेश कुमार ने करीब 40 लोगों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक डेमोंस्ट्रेशन देकर प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण में रोटरी क्लब और इनर व्हील क्लब के सदस्यों के अलावा शहर के लोगों ने भी भाग लिया।
आपात स्थिति में घबराएं नहीं, दें सीपीआर
डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि कई बार सार्वजनिक स्थानों पर अचानक किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो जाता है। ऐसी स्थिति में एंबुलेंस या चिकित्सकीय सहायता पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। इस दौरान आसपास मौजूद व्यक्ति सही तरीके से सीपीआर देकर मरीज को बचाने का प्रयास कर सकता है।
उन्होंने सीपीआर देने की सही तकनीक, छाती पर दबाव देने की प्रक्रिया और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
समाजसेवा में आगे आने का आह्वान
कार्यक्रम की शुरुआत रोटरी क्लब की अध्यक्ष डॉ. शीला रंजन ने की। डॉ. अपूर्वा सिन्हा ने पिछली बैठक में किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. प्रदीप कुमार ने डॉ. उमेश कुमार का परिचय कराया और इनके सामाजिक कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में रोटेरियन अभिनीत मिश्रा ने डॉ. उमेश कुमार और उनकी टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के जनहितकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि आपात स्थिति में आम लोग भी किसी की जिंदगी बचाने में मददगार बन सकें।
