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बेतिया में गंडक नदी का चंपारण तटबंध टूटा, फुलियाखांड़ में खेतों में घुसा पानी; NDRF की टीम तैनात

Published: Tue, 29 Sep 2026 06:44 AM (IST)

बेतिया के बैरिया प्रखंड में गंडक नदी का चंपारण तटबंध पाइपिंग और ओवरटॉपिंग के कारण टूट गया, जिससे फुलियाखांड़ और शामपुर गांवों के खेतों में पानी फैल गया।

HighLights

  1. बेतिया में गंडक नदी का चंपारण तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ।

  2. फुलियाखांड़ और शामपुर गांवों के खेतों में पानी फैला।

  3. एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम राहत कार्य में जुटी।

जागरण संवाददाता, बेतिया। बैरिया प्रखंड क्षेत्र के फुलियाखांड़ गांव के समीप गंडक नदी के बाएं चंपारण तटबंध में अचानक पाइपिंग और ओवरटॉपिंग के कारण मंगलवार करीब तीन बजे लगभग पांच मीटर की चौड़ाई में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया।

तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। इससे फुलियाखांड़, शामपुर गांव के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है।

घटना की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। तटबंध की मरम्मत शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

30 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम मौजूद

जिला प्रशासन के अनुसार, एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम भी मौके पर मौजूद है। संभावित प्रभावित निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा जलस्तर और मार्ग की स्थिति की जानकारी लिए बिना प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन नहीं करने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06254-247002 और 06254-247003 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

तटबंध टूटने के बाद शिवराजपुर और फुलियाखांड़ गांव में घुसा पानी, 

बाएं चंपारण तटबंध के टूटने  के बाद शिवराजपुर और फुलियाखांड़ गांव में स्थिति बिगड़ने लगी है। पानी ने दोनों गांवों को चारों तरफ से घेर लिया है। इसके बाद ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। गांवों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों के बीच दहशत और अफरातफरी का माहौल है।

तटबंध टूटने से दो पक्के मकान और विशाल पीपल का पेड़ गंडक में विलीन

बैरिया के फुलियाखांड़ वार्ड नंबर पांच में चंपारण तटबंध टूटने के बाद गंडक नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। तेज धार की चपेट में आने से एक विशाल पीपल का पेड़ और बिंदेश्वरी दास व राजेंद्र दास का पक्का मकान गंडक नदी में समा गया। दोनों मकानों के सामने पानी का बहाव काफी तेज बताया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, फुलियाखांड़ में करीब 50 से 60 फीट तटबंध टूट चुका है। तटबंध टूटने के बाद पानी का दबाव बढ़ गया है और आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है। स्थिति को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

बांध पर बसे दर्जनों परिवार और दुकानदार समेट रहे सामान

गंडक नदी के बढ़ते दबाव के बीच नौतन में सुरक्षा के लिए बनाए गए मंगलपुर बांध की स्थिति भी गंभीर हो गई है। बांध में तीन जगहों पर पानी का रिसाव हो रहा है। जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर रिसाव रोकने के लिए पैचिंग का काम कर रही है, लेकिन पैचिंग के बाद भी पानी का रिसाव पूरी तरह थम नहीं रहा है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बांध पर बसे दर्जनों परिवारों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों से जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। बांध पर करीब एक दर्जन दुकानें भी हैं। दुकानदार भी पानी के बढ़ते खतरे को देखते हुए अपना सामान समेट रहे हैं।

बांध पर लगातार रिसाव होने से आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग की टीम रिसाव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखते हुए उसे नियंत्रित करने में जुटी है। प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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