Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    नेपाल की नई पाबंदी से भारतीय सीमा पर उबाल, रोजमर्रा के सामान और गाड़ियों पर रोक से लोग परेशान

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 10:42 PM (IST)

    नेपाल में भारतीय वाहनों और दैनिक उपयोग के सामान पर भंसार के बिना लगी पाबंदी के विरोध में सीमावर्ती भिस्वा में प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी भिस ...और पढ़ें

    भिस्वा - सिकटा बार्डर पर प्रदर्शन करते ग्रामीण । जागरण

    भिस्वा - सिकटा बार्डर पर प्रदर्शन करते ग्रामीण । जागरण

    संवाद सूत्र, सिकटा/भिस्वा (पश्चिम चंपारण)। नेपाल में भारतीय चारपहिया वाहनों के प्रवेश और दैनिक उपयोग के सामान की आवाजाही पर बगैर भंसार के लगी पाबंदी के विरोध में सीमावर्ती तराई क्षेत्रों में आंदोलन तेज हो गया है।

    स्थानीय लोगों ने नेपाल पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भिस्वा बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शनिवार और रविवार को प्रदर्शनकारियों ने सीमा सड़क के बीच टेंट लगाकर विरोध जताया।

    प्रदर्शनकारियों ने भिस्वा स्थित नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के निरीक्षक अर्जुन दहाल के तबादले तथा भिस्वा में जल्द कस्टम (भंसार) कार्यालय खोलने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नेपाल सशस्त्र पुलिस बल की सख्ती और मनमानी के कारण आम लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    जयमंगलापुर के प्रदीप पटेल, रूपेश पटेल, बुढ़गाई के अरमान खान, भिस्वा के ताराचंद पंडित, मिर्जापुर के मनोज पटेल, हरिहरपुर के माधव साह और तारकिशोर मिश्र समेत अन्य लोगों ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच वर्षों पुराने 'रोटी-बेटी' के रिश्ते हैं।

    इसके बावजूद सरकार की ओर से भारतीय चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। उनका कहना है कि बारात में केवल दूल्हा-दुल्हन की एक गाड़ी को ही नेपाल जाने की अनुमति मिलती है, जबकि अन्य वाहनों के लिए वीरगंज जाकर भंसार कराना पड़ता है, जो आम लोगों के लिए काफी कठिन और खर्चीली प्रक्रिया है।

    ग्रामीणों और पुलिस में तीखी नोंकझोक

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नेपाल सशस्त्र पुलिस बल अब दैनिक उपयोग के सामान भी सीमा पार नहीं ले जाने दे रहा है। शनिवार को बंजारी निवासी अनिल महतो सिकटा बाजार से चावल खरीदकर नेपाल ले जा रहे थे, लेकिन उन्हें सीमा पर रोक दिया गया और चावल वापस करना पड़ा।

    खबरें और भी

    कुछ देर बाद नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के दो जवान सिकटा बाजार से पंखा खरीदकर भिस्वा ले जा रहे थे, जिसे स्थानीय लोगों ने रोक दिया। इसके बाद लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। घटना से नाराज युवाओं ने भिस्वा चौकी के समीप सड़क पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया।

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियम यदि लागू हैं तो वे आम जनता और पुलिस, दोनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उनका आरोप है कि आम लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    नेपाली ग्राहकों की कमी से सिकटा बाजार में बढ़ी मंदी

    भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय चारपहिया वाहनों के प्रवेश और दैनिक उपयोग के सामानों पर लगी पाबंदियों का असर अब सीमावर्ती सिकटा बाजार के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

    नेपाली ग्राहकों की आवाजाही कम होने से बाजार में कारोबार सुस्त पड़ गया है। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए बड़ी संख्या में नेपाल से आने वाले ग्राहक अब पहले की तुलना में काफी कम पहुंच रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हुई है।

    स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि सिकटा बाजार की अर्थव्यवस्था काफी हद तक सीमावर्ती नेपाली ग्राहकों पर निर्भर है। किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि सामग्री की दुकानों पर पहले जहां दिनभर भीड़ रहती थी, वहीं अब अधिकांश समय सन्नाटा पसरा रहता है।

    जवान सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं है। लोगों को सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    -- मोहनराज निरौला, प्रवक्ता, नेपाल सशस्त्र पुलिस बल

    भारत की ओर से नेपाल जाने वाले लोगों या नेपाली वाहनों पर कोई रोक नहीं है। नेपाली वाहन सामान्य रूप से भारत आ रहे हैं, लेकिन पूर्व की तरह भारतीय चारपहिया वाहनों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही है।
    -- रजत मिश्रा, सहायक कमांडेंट, एसएसबी 47वीं बटालियन, सिकटा

    यह भी पढ़ें- नेपाल ने भारतीयों को फिर दिया झटका, अब भिखनाठोरी बॉर्डर से भी चारपहिया वाहनों की Entry बंद