विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिनभर भूखी-प्यासी रहेंगी पत्नियां, शाम को चांद के साथ होगा पतिदेव का दीदार, बगहा में भी रौनक

Published: Wed, 28 Oct 2026 04:46 PM (IST)

बगहा में करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक दिखी, जहां सुहागिनें पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए ...और पढ़ें

पश्चिम चंपारण के बगहा में करवा चौथ को लेकर खरीदारी करतीं महिलाएं। जागरण

पश्चिम चंपारण के बगहा में करवा चौथ को लेकर खरीदारी करतीं महिलाएं। जागरण

HighLights

  1. पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों का निर्जला व्रत।

  2. बाजारों में करवा चौथ की रौनक, खरीदारी और मेहंदी।

  3. चंद्रोदय के बाद चांद और पति को देखकर व्रत पारण।

संवाद सूत्र, बगहा (पश्चिम चंपारण) । दिनभर भूखी-प्यासी रहकर पति की लंबी उम्र की कामना, हाथों में रची मेहंदी और सोलह शृंगार से सजी सुहागिनें। अब बस शाम को चांद निकलने का इंतजार है।

चांद के दीदार के साथ पहले उसे अर्घ्य देंगी, फिर चलनी से पतिदेव का चेहरा निहारकर व्रत खोलेंगी। करवा चौथ को लेकर बुधवार को बाजारों में रौनक रही। कहीं चूड़ियों की खनक सुनाई दी तो कहीं मेहंदी की खुशबू ने पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया।

करवा चौथ को लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह

बुधवार को करवा चौथ को लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह रहा। पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण के प्रतीक इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ गुरुवार को निर्जला व्रत रहेंगी।

पर्व की तैयारियों के लिए महिलाएं साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, शृंगार और पूजन सामग्री खरीदती नजर आईं। कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन और चूड़ियों की दुकानों पर भीड़ रही। मेहंदी लगाने वालों के यहां महिलाओं की आवाजाही बढ़ी, वहीं मिठाई और फल की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल रही।

ब्यूटी पार्लर में महिलाओं की दिखी भीड़ 

दुकानदारों ने पूजन और शृंगार सामग्री का पर्याप्त भंडार रखा था। मंत्री मार्केट समेत कई ब्यूटी पार्लर में महिलाओं की भीड़ दिखी। व्रती सबिता रुंगटा ने बताया कि महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूरे दिन उपवास रखती हैं।

नए कपड़े पहनना, सोलह शृंगार करना और विधि-विधान से पूजा करना इस पर्व की खास परंपराएं हैं। इससे परिवार में उत्साह और आपसी प्रेम का माहौल बनता है। अंशिता रुंगटा ने बताया कि करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं।

चूड़ियां, मेहंदी, शृंगार और पूजा सामग्री की खरीदारी पर्व का अहम हिस्सा है। पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा के साथ व्रत खोलने का इंतजार रहता है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण को मजबूत करता है।

दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए करवा चौथ का व्रत

आचार्य सुबोध मिश्र ने बताया कि सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं। परंपरा के अनुसार, वे पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को करवा माता, माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। फिर चलनी से पहले चंद्रमा और उसके बाद पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण किया जाता है।

आचार्य ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, करवा नाम की पतिव्रता स्त्री ने अपने साहस, निष्ठा और पति के प्रति अटूट प्रेम से यमराज के सामने अपने पति के प्राण बचाए थे। इस वर्ष चंद्रमा का उदय शाम 7:57 बजे होने की जानकारी है। चंद्रोदय के बाद व्रती महिलाएं पूजा और अर्घ्य अर्पित कर पति का चेहरा देखने के बाद व्रत खोलेंगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।