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    पश्चिम चंपारण में रात को दिखा तेंदुए का शावक, दहशत में पूरा इलाका

    Updated: Thu, 28 May 2026 05:35 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण में पुलिस गश्त के दौरान एक तेंदुए का शावक रिहायशी इलाके के पास दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। इलाके में एक वयस्क तेंदुए और उस ...और पढ़ें

    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    संवाद सूत्र, पिपरासी (पश्चिम चंपारण ) । पिपरासी थाना क्षेत्र स्थित पिपरासी पंचायत के खैरा टोला ढाला के समीप बुधवार की रात गश्ती के दौरान पुलिस टीम को तेंदुए का एक शावक दिखाई दिया। शावक रिहायशी इलाके से निकलकर दियारा क्षेत्र की ओर जाता नजर आया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि 112 पुलिस टीम पीपी तटबंध से गश्त कर वापस लौट रही थी। इसी दौरान वाहन की रोशनी पड़ते ही पिपरासी गांव की तरफ से एक तेंदुए का शावक तेजी से दियारा क्षेत्र की ओर भागता दिखाई दिया।

    पुलिसकर्मियों ने डर के बीच उसका वीडियो भी बना लिया। वाहन की लाइट देखकर शावक काफी तेज गति से भाग रहा था। अचानक तेंदुए को देखकर महिला पुलिस बल भी घबरा गई।

    थानाध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्र में एक वयस्क तेंदुआ और उसके दो शावकों के विचरण करने की सूचना है। लगातार अलग-अलग स्थानों पर उनकी मौजूदगी से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।

    बीते दिनों भगड़वा सरेह में एक तेंदुए ने बछड़े को मार डाला था। वहीं इससे पहले बलुआ ठोरी पंचायत में तेंदुए के शावक ने दो महिलाओं पर हमला कर दिया था, जिसमें पतरी देवी घायल हो गई थीं।

    तीन तेंदुओं की मौजूदगी से लोगों में बढ़ी चिंता

    ग्रामीणों के अनुसार पिपरासी दियारे के बउक धोबी बथान के आसपास भी तेंदुए की गतिविधि देखी जा रही है। लगातार ठिकाना बदलने के कारण वन विभाग की टीम अब तक तेंदुओं को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है। वन विभाग की टीम लगातार खोज अभियान चला रही है।

    ग्रामीण विजय कुशवाहा, पूर्व मुखिया जगदीश यादव, मुकेश यादव और विवेक यदुवंशी ने बताया कि तेंदुओं के लगातार विचरण से लोग डरे हुए हैं। किसान और मजदूर दियारा क्षेत्र में खेती के लिए जाने से बच रहे हैं।

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    कुछ दिन पहले यूपी सीमा से आए एक खूंखार तेंदुए ने बिहार और यूपी के आठ लोगों को घायल कर दिया था। उसमें घायल मनिया छापर की एक महिला का अब भी इलाज चल रहा है। बाद में वन विभाग ने उस तेंदुए का रेस्क्यू कर पकड़ लिया था और सुरक्षित रूप से गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया था।