Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Mauni Amavasya 2026: अमावस्या को गंगा नहाने से पापों से मिलती है मुक्ति, आज से ही गजेन्द्र धाम पहुंच रहे श्रद्धालु

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 04:39 PM (IST)

    माघ अमावस्या रविवार को है, जिसे मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन वाल्मीकिनगर में नारायणी (गंडक) नदी में मौन स्नान का विशेष महत्व है। माना जाता है कि ...और पढ़ें

    मौनी अमावस्या कल। (फाइल फोटो जागरण)

    मौनी अमावस्या कल। (फाइल फोटो जागरण)

    HighLights

    1. मौनी अमावस्या पर मौन स्नान से पापों से मुक्ति।

    2. वाल्मीकिनगर में नारायणी, सोनहा, तमसा नदियों का संगम।

    3. दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था।

    संवाद सूत्र, बगहा। माघ माह की अमावस्या कल है। मौनी अमावस्या रविवार होने के कारण इस त्योहार की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। सुबह स्नान दान व पूजा करने तक मौन रहने का विधान है।

    आचार्य सुबोध कुमार मिश्र ने बताया कि इस दिन स्नान से भगवान विष्णु का पाप धुल गया था और वे श्राप मुक्त हो गए थे। इसी लिए इस नदी को नारायणी कहा जाता है।

    भगवान शालीग्राम को अपने में समेटे नारायणी में स्नान को लेकर विद्वानों का मत है कि अमावस्या के दिन स्नान करने से मनुष्य पाप व दोष मुक्त हो जाता है।

    वाल्मीकिनगर में स्नान का महत्व है कि यहां नारायणी (गंडक) के साथ सोनहा व तमसा नदी का संगम है, साथ ही इस स्थल को गजेंद्र मोक्ष धाम भी कहा जाता है। श्रद्धालु इस स्थल को त्रिवेणी व श्रद्धा पूर्वक त्रिवेणी जी भी कहते हैं।

    पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के विभिन्न क्षेत्र, गांव व मोहल्ले से हजारों की संख्या में लोग दो दिन पहले से पहुंचना शुरू कर दिए हैं। कुछ लोग गांव से ट्रैक्टर व ऑटो रिजर्व कर पहुंच रहे हैं तो कुछ अपनी निजी साधनों से भी आ रहे हैं। अधिकांश लोग बस व ट्रैन के रास्ते भी समूह बद्ध हो पहुंच रहे हैं।

    वाल्मीकिनगर के मुखिया पन्नालाल साह ने बताया कि इस बार दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पंचायत स्तर पर वालेंटियर व प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त मात्रा में पुरुष व महिला पुलिस बल की तैनाती दंडाधिकारी के साथ की गई है।