'पुलिस बता दे जिंदा है या नहीं', 10 माह से लापता बेटे को तलाश रहे माता-पिता ने डीजीपी से लगाई गुहार
Missing Child Case: पश्चिम चंपारण के शिकारपुर से 10 महीने पहले लापता हुए सात वर्षीय फैजान का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। परेशान माता-पिता ने अब बिहा ...और पढ़ें

लापता फैजान (इनसेट में ) के लिए डीजीपी से गुहार लगाते माता पिता।
HighLights
सात वर्षीय फैजान 10 माह से लापता, नहीं मिला सुराग।
परेशान माता-पिता ने बिहार डीजीपी से न्याय की गुहार लगाई।
बच्चे की तलाश में ₹2 लाख का इनाम घोषित।
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। Bihar Police: जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र से 10 महीने पहले लापता हुए सात वर्षीय फैजान का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार गहरे सदमे में है।
बेटे की तलाश में लगातार भटक रहे माता-पिता ने अब बिहार के डीजीपी से मुलाकात कर न्याय और बच्चे की बरामदगी की गुहार लगाई है।
24 जून 2025 से लापता है फैजान
मंगरहरी बैरिया गांव निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन ने बताया कि उनका सात वर्षीय बेटा फैजान 24 जून 2025 को घर के पास से अचानक गायब हो गया था।
घटना के बाद परिवार ने शिकारपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने गांव के अजय महतो, लौरिया निवासी संजय वर्मा और एक महिला को हिरासत में लिया था। हालांकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने तीनों को रिहा कर दिया।
बेटा जिंदा है या नहीं
बेटे की तलाश में परेशान पिता मोहम्मद सलाउद्दीन ने भावुक होकर कहा कि पिछले दस महीनों से वे हर दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।
उन्होंने कहा, “पुलिस सिर्फ यही कहती है कि प्रयास जारी है। अब तो हमें यह भी नहीं पता कि हमारा बेटा जिंदा है या नहीं। अगर कोई सच्चाई है तो पुलिस हमें बता दे, ताकि हम सब्र कर सकें।”
जनप्रतिनिधियों से भी लगा चुके गुहार
परिजनों ने एसपी के जनता दरबार से लेकर कई जनप्रतिनिधियों तक अपनी फरियाद पहुंचाई है। मामले को चनपटिया विधायक और अमौर विधायक ने विधानसभा में भी उठाया था।
इसके अलावा परिवार केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री से भी मिल चुका है।
बच्चे की तलाश में घोषित है इनाम
फैजान की बरामदगी के लिए परिजनों की ओर से दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
इसके बावजूद अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। गांव में आज भी फैजान की मां अपने बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठी है।