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ताला खुले तो डेढ़ लाख लोगों की दूर होगी परेशानी, बगहा में 5 करोड़ का अस्पताल पड़ा बंद

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:00 AM (IST)

बगहा के पतिलार में 4.80 करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उद्घाटन के डेढ़ महीने बाद भी बंद ...और पढ़ें

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतिलार में ताला लटका । जागरण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतिलार में ताला लटका । जागरण

HighLights

  1. बगहा के पतिलार में 4.80 करोड़ का अस्पताल बंद।

  2. उद्घाटन के डेढ़ महीने बाद भी भवन पर ताला।

  3. ठेकेदार ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा भवन।

संवाद सूत्र, चौतरवा, बगहा (पश्चिम चंपारण)। डेढ माह पहले बगहा एक प्रखंड की पतिलार पंचायत में 4.80 करोड़ की लगात से तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जब उद्घाटन हुआ तब यहां के लोगों की आंखें खुशी से चमक रही थीं।

खुशी इस बात की कि अब एक्स-रे, ईसीजी और पैथोलाजी जैसी जांच के लिए उन्हें बगहा या बेतिया की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, लेकिन व्यवस्था के आगे उनकी खुशियां फीकी पड़ गईं। जिन आंखों में उम्मीद की चमक थी आज निराशा है।

उन्हें आधुनिक चिकित्सा के जो सपने दिखाए गए थे, वह उद्घाटन तक सिमट कर रह गए। आलीशान भवन तो बना, लेकिन संवेदक ने अभी तक 30 बेड वाले नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) विभाग के हवाले नहीं किया है। आज भी उस पर ताला लटका है।

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन का उपयोग नहीं होने से स्वास्थ्य सुविधा का उद्देश्य पूरा नहीं रहा है, जबकि केंद्र चालू होने से क्षेत्र के पंद्रह पंचायतों की लगभग डेढ़ लाख आबादी को लाभ होगा।

गंडक पार के दर्जन भर गांवों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। अभी लोगों को मामूली जांच के लिए भी 20 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर बगहा, भैरोगंज, लौरिया व बेतिया जाना पड़ता है।

दो साल में भी पूरा नहीं हुआ काम

लक्ष्मीपुर गांव निवासी राजू उपाध्याय, दुसाधी पट्टी गांव निवासी रामेश्वर यादव, कारखाना टोला पतिलार निवासी राजू पासवान कहते हैं, दो साल से भवन का निर्माण चल रहा है, उद्घाटन के बाद इसे स्वास्थ्य विभाग के हवाले करना था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है।

भवन तैयार है, लेकिन अंदर फीनिशिंग का काम बाकी है। पतिलार और आसपास के कई गांवों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चालू होने से स्थानीय स्तर पर इलाज, जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद थी, लेकिन भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लोगों को अभी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

25 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन हुआ था। संवेदक द्वारा अभी तक भवन स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका है। जब तक हैंड ओवर नहीं होगा तब तक उसमें कोई कार्य नहीं किया जा सकता है। इसी वजह से केंद्र के संचालन में परेशानी हो रही है। सिविल सर्जन बेतिया को भी सूचित किया है। सीएस की ओर से जल्द प्रक्रिया पूरी कर भवन को विभाग को सौंपने का आश्वासन दिया गया है।
राजेश सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी, पतिलार।