पश्चिम चंपारण: दो चचेरे भाइयों को एक साथ दफनाया, शादी की खुशियां मातम में बदलीं
पिपरासी थाना क्षेत्र में गंडक नदी में डूबने से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई, जिन्हें सोमवार को एक साथ दफनाया गया। ...और पढ़ें

इब्राहिम अंसारी और इशहाक अंसारी की फाइल फोटो। सौजन्य: ग्रामीण
HighLights
गंडक नदी में दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत।
इब्राहिम की शादी की खुशियां मातम में बदलीं।
स्वजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर शव दफनाए।
संवाद सूत्र, पिपरासी। पिपरासी थाना क्षेत्र में गंडक नदी में डूबने से जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी दो चचेरे भाइयों को सोमवार को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दोनों की एक साथ निकली अंतिम यात्रा और दफन के दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थीं और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
रविवार की दोपहर पिपरासी थाना क्षेत्र के सौरहा पंचायत स्थित सुगौली गांव के सामने गंडक नदी में स्नान के दौरान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के अरनहवा जंगल टोला निवासी 21 वर्षीय इब्राहिम अंसारी और 20 वर्षीय इशहाक अंसारी की डूबने से मौत हो गई थी।
दोनों चचेरे भाई थे और आपस में गहरी दोस्ती भी थी। परिवार के लोगों के अनुसार वे हर काम साथ करते थे, बाहर मजदूरी के लिए भी साथ ही जाते थे और रविवार को भी एक साथ गंडक नदी में स्नान करने पहुंचे थे।
हाल के दिनों में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इसकी जानकारी दोनों युवकों को नहीं थी। स्नान के दौरान वे अनजाने में गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास करते हुए नदी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर पिपरासी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शवों को निजी व्यवस्था से घर ले जाया गया।
अरनहवा ग्राम प्रधान फूलबदन चौहान ने बताया कि इब्राहिम के घर जल्द ही शादी की शहनाई बजने वाली थी। करीब दो माह पहले उसका रिश्ता तय हुआ था और परिवार में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
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वहीं, इशहाक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और परिवार का सहारा माना जाता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दोनों युवकों के स्वजन मजदूरी के सिलसिले में दूसरे प्रदेश गए हुए थे। उनके घर लौटने के बाद सोमवार को दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ दफनाया गया। अंतिम विदाई के दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला और लोगों ने शोक जताया।
कोतवाली पडरौना के थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि हादसा बिहार के पिपरासी थाना क्षेत्र में हुआ था। स्वजन द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने के कारण शवों का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार कर दिया गया।