Red Banana: सेहत से भरपूर और मुनाफे में भी नंबर वन, अब किसानों की किस्मत चमकाएगा 'लाल केला'
कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर में लाल केले की उन्नत नर्सरी तैयार की जा रही है, जिससे किसानों को इसकी वैज्ञानिक खेती की जानकारी मिल रही है। यह पहल किसानो ...और पढ़ें

केविके माधोपुर में लाल केले की खेती से किसानों की आय बढ़ेगी
HighLights
केविके माधोपुर में लाल केले की नर्सरी विकसित की जा रही है।
किसानों को वैज्ञानिक खेती की जानकारी और पौधे उपलब्ध।
लाल केले की व्यावसायिक खेती से किसानों की आय बढ़ेगी।
संवाद सूत्र, मझौलिया (पश्चिम चंपारण)। कृषि विज्ञान केंद्र (केविके), माधोपुर में लाल केले की बागवानी, अनुसंधान और उन्नत उत्पादन तकनीक पर लगातार कार्य किया जा रहा है। केंद्र परिसर में लाल केले का प्रदर्शन प्लॉट विकसित किया गया है, जहां किसानों को इसकी वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जा रही है।
साथ ही इच्छुक किसानों के लिए लाल केले के पौधों की नर्सरी भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे इसकी व्यावसायिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।
केविके के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि लाल केला पोषण की दृष्टि से सामान्य केले से अधिक समृद्ध है। इसमें फाइबर, आयरन और विभिन्न विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और सामान्य केले की तुलना में अधिक कीमत मिलने से यह किसानों के लिए लाभदायक फसल बन रही है।
लाल केले की खेती के लिए 15 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान, गर्म एवं आर्द्र जलवायु तथा जल निकास वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। यहां की भूमि भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त है। जून-जुलाई रोपाई का सबसे अच्छा समय है, हालांकि फरवरी-मार्च में भी पौधरोपण किया जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि रेड ढाका, रेड स्पैनिश, कोलोराडो, रेड क्यूबन और रेड वेलची इसकी प्रमुख उन्नत किस्में हैं। रोपाई के लिए टिश्यू कल्चर पौधों अथवा स्वस्थ सकर्स का उपयोग करना चाहिए।
12 माह में फल देगा लाल केले का पौधा
पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि लाल केले का पौधा 12 से 15 माह में फल देने लगता है। इस फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम होता है। समय पर सिंचाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और ड्रिप सिंचाई अपनाने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होती है।
उन्होंने किसानों से केविके की नर्सरी और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाकर लाल केले की व्यावसायिक खेती अपनाने की अपील की।