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    पश्चिम चंपारण में तेंदुए का आतंक, किसान रातभर कर रहे पशुओं की रखवाली

    By Sumant Kumar Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Mon, 11 May 2026 07:31 PM (GMT+05:30)

    पश्चिम चंपारण के पिपरासी थाना क्षेत्र के बउक बैठा घोठा में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से किसान दहशत में हैं। पिछले दो दिनों से तेंदुआ पशुओं पर हमला करने ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो AI)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो AI)

    HighLights

    1. तेंदुए की चहलकदमी से पश्चिम चंपारण के किसान दहशत में।

    2. पिछले दो दिनों से तेंदुआ पशुओं पर हमला कर रहा।

    3. ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और तेंदुए को पकड़ने की मांग की।

    संवाद सूत्र, पिपरासी (पश्चिम चंपारण) । पिपरासी थाना क्षेत्र के बउक बैठा घोठा में तेंदुआ की लगातार बढ़ती चहलकदमी से दियारा क्षेत्र के किसान दहशत में हैं।

    किसानों के अनुसार पिछले दो दिनों से तेंदुआ रात के समय पशु बथानों में पहुंचकर भैंसों और अन्य पशुओं पर हमला करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि पशुपालकों के शोर मचाने और आग जलाने के बाद तेंदुआ सरेह की ओर भाग गया।

    किसान झपसी यादव, राशन यादव, चंदन यादव और सन्हु साधु ने बताया कि शनिवार और रविवार की रात तेंदुआ तीन बार पशु बथान तक पहुंचा। तेंदुआ की आहट मिलते ही भैंसें बथान में इधर-उधर भागने लगीं।

    इसके बाद ग्रामीणों ने शोरगुल कर किसी तरह पशुओं को बचाया। किसानों ने बताया कि वे दियारा क्षेत्र में खेती-बारी और पशुपालन कर अपनी जीविका चलाते हैं।

    ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन माह पहले भी तेंदुआ दो भैंस के बच्चों और दो बकरियों को मार चुका है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। विभाग ने करीब एक माह तक पिंजरा लगाया, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। किसानों ने अब तक क्षतिपूर्ति नहीं मिलने की भी शिकायत की।

    बताया जा रहा है कि हाल ही में कुशीनगर के जटहा बाजार क्षेत्र में पकड़े गए तेंदुआ के बाद यह दूसरा तेंदुआ साथी की तलाश में क्षेत्र में घूम रहा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र सुरक्षा व्यवस्था और तेंदुआ पकड़ने की मांग की है।

    तालाब में रह रहे मगरमच्छ का विभाग ने किया रेस्क्यू

    संवाद सूत्र, भितहा। स्थानीय प्रखंड के जमुनिया गांव अंर्तगत ओम प्रकाश बीन के तालाब से सोमवार को वन विभाग की टीम ने एक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बताया जा रहा है कि उक्त मगरमच्छ पिछले कुछ दिनों से तालाब में दिखाई दे रहा था।

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    जब मछुआरे मछली मारने तालाब में घुसे थे तो वह मछुआरों पर हमला करने की कोशिश करने लगता था। जिससे गांव में भय का माहौल बन गया था। तालाब के आसपास आवाजाही कम हो गई।

    जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम सावधानी पूर्वक मगरमच्छ का रेस्क्यू कर लिया।

    वन विभाग के कर्मी लालसा यादव ने बताया कि पकड़े गए मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से गंडक नदी में छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि गंडक नदी मगरमच्छों के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित आवास है। जहां उन्हें पर्याप्त भोजन और अनुकूल वातावरण मिलता है।