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बिहार में परिसीमन का नया फॉर्मूला: 50% से अधिक SC-ST और OBC आबादी वाले गांव में बनेगा पंचायत मुख्यालय

Published: Tue, 04 Aug 2026 02:24 PM (IST)

बेतिया जिले में पंचायत राज विभाग की अधिसूचना के बाद नए परिसीमन की तैयारी तेज हो गई है, जो राजस्व गांवों और 2011 की जनगणना पर आधारित होगा।

50% से अधिक SC/ST और OBC आबादी वाले गांव में बनेगा पंचायत मुख्यालय (AI Generated Image)

50% से अधिक SC/ST और OBC आबादी वाले गांव में बनेगा पंचायत मुख्यालय (AI Generated Image)

HighLights

  1. राजस्व गांवों और 2011 जनगणना पर आधारित होगा परिसीमन।

  2. नदी, नहर, सड़क जैसे स्थायी स्थलों को मिलेगी प्राथमिकता।

  3. सबसे अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर होगी पंचायत।

जागरण संवाददाता, बेतिया। पंचायत राज विभाग की अधिसूचना के बाद जिले में पंचायतों के नए परिसीमन की तैयारी तेज हो गई है। जल्द ही पंचायतों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण शुरू होगा। इस बार परिसीमन राजस्व गांवों और वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा।

प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक गांव की आबादी, राजस्व गांव की स्थिति तथा भौगोलिक संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा।परिसीमन का कार्य संबंधित प्रखंड के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से शुरू होकर दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र तक क्रमवार किया जाएगा।

प्रशासन का प्रयास रहेगा कि किसी भी गांव का अनावश्यक विभाजन न हो। हालांकि, प्रशासनिक आवश्यकता होने पर ही गांवों का विभाजन किया जाएगा। नई सीमाएं तय करते समय प्राकृतिक एवं स्थायी सीमाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

सार्वजनिक पहचान वाले स्थलों को मिलेगा महत्व

सीमा निर्धारण में नदी, नहर, रेलवे लाइन, प्रमुख सड़क और अन्य सार्वजनिक पहचान वाले स्थलों को आधार बनाया जाएगा। इससे भविष्य में पंचायत सीमा को लेकर होने वाले विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

पूर्व में कई पंचायतों के दो हिस्सों में बंट जाने से ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए परिसीमन से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

सबसे अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर होगी पंचायत

नई व्यवस्था के तहत पंचायत का नाम सामान्यतः उसी गांव के नाम पर रखा जाएगा, जहां सबसे अधिक आबादी होगी। वहीं, पंचायत मुख्यालय भी सामान्य परिस्थितियों में उसी गांव में स्थापित किया जाएगा।

यदि किसी पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की संयुक्त आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होगी, तो पंचायत मुख्यालय उसी वर्ग की सर्वाधिक आबादी वाले गांव में बनाया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि नए परिसीमन से पंचायतों का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आएगी।

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