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प्यार में मिला धोखा तो यूपी की रंजना ने अपनाया 'शोले' वाला अंदाज, मोबाइल टावर पर जा चढ़ी प्रेमिका

Published: Fri, 03 Jul 2026 04:06 PM (IST)

बगहा में एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसने अपने प्रेमी पर शादी के बाद छोड़ने और प्रताड़ित करने ...और पढ़ें

प्यार में मिला धोखा तो यूपी की रंजना ने अपनाया 'शोले' वाला अंदाज, मोबाइल टावर पर जा चढ़ी प्रेमिका

प्यार में मिला धोखा तो यूपी की रंजना ने अपनाया 'शोले' वाला अंदाज, मोबाइल टावर पर जा चढ़ी प्रेमिका

संवाद सहयोगी, बगहा। पठखौली थाना क्षेत्र के बगहा-दो स्थित हनुमान मंदिर के समीप शुक्रवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 25 वर्षीय रंजना मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

सूचना मिलते ही पठखौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे थाने लाकर महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में रखा गया। पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के घुघली क्षेत्र की रहने वाली है।

उसका आरोप है कि मंगलपुर औसानी पंचायत के वार्ड-12 निवासी उमेश सहनी के पुत्र विकास साहनी के साथ सिकंदराबाद की एक निजी कंपनी में काम करने के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हुआ। वर्ष 2025 में दोनों ने मंदिर में विवाह किया और पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे।

युवती का आरोप है कि कुछ समय बाद विकास अपने घर बगहा लौट आया और धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने लगा। उसने फोन पर बात करना भी बंद कर दिया।

इसके बाद वह गुरुवार को विकास की तलाश में उसके गांव मंगलपुर औसानी पहुंची। वहां विकास ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट की और दोबारा दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।

युवती ने यह भी आरोप लगाया कि विकास अब उसे पत्नी के रूप में स्वीकार करने से इन्कार कर रहा है। अपनी बात सुनने वाला कोई नहीं मिलने और मानसिक तनाव में आकर उसने शुक्रवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध जताया।

मामले में बगहा एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि युवती को सुरक्षित नीचे उतारकर थाने में महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में रखा गया है। पूछताछ के दौरान वह अपने घर का सही पता नहीं बता सकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया है।

यदि युवती की सही पहचान और स्वजन की जानकारी मिल जाती है तो उसे उनके हवाले किया जाएगा। अन्यथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे किसी उपयुक्त गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) की देखरेख में भेजा जाएगा।