यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हम किसानों से हर ग्रेड का संतरा खरीदेंगे, वो भी अच्छे दाम पर - आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री, पतंजलि योगपीठ
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने नागपुर के पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क पर चर्चा की। यह प्लांट ...और पढ़ें

ब्रांड डेस्क, नई दिल्ली। नागपुर के मिहान (मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब और एयरपोर्ट) क्षेत्र में स्थित पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क को लेकर आज पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने मीडिया से संवाद किया। किसानों के लिए इस प्लांट के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा: "नागपुर के इस प्लांट में सभी ग्रेड के संतरे मिलेंगे। इसमें A ग्रेड संतरा मिलेगा, जो उच्च गुणवत्ता का होता है। इसके अलावा B ग्रेड और C ग्रेड का संतरा भी मिलेगा। A और B ग्रेड के संतरे तो किसान आसानी से बेच देते हैं, लेकिन C ग्रेड के संतरे को खरीदने वाले बहुत कम होते हैं, क्योंकि वह अधिक खट्टा होता है। इस प्लांट की खासियत यह है कि हम किसानों से C ग्रेड का संतरा भी खरीदेंगे, वह भी अच्छे दाम पर।"
विदर्भ के किसानों के लिए उन्होंने कहा: "हमारा सपना है कि नागपुर और विदर्भ के किसान खुशहाल और समृद्ध बनें। यह मेगा फूड एंड हर्बल पार्क न केवल महाराष्ट्र के विदर्भ बल्कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसानों को भी लाभ पहुंचाएगा।"
उन्होंने आगे बताया: "हमारा यह प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक है, जहां सूखा या खराब संतरा प्रोसेसिंग मशीन में नहीं जाएगा। बल्कि अच्छी गुणवत्ता वाले फलों से शुद्ध जूस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, इस प्लांट में संतरे से कई प्रकार के बाय-प्रोडक्ट्स भी बनाए जाएंगे। संतरे के जूस के अलावा इसके बीज और छिलकों का भी उपयोग किया जाएगा।"
इस प्लांट में प्रतिदिन 800 टन सिट्रस फ्रूट प्रोसेस कर फ्रोजन जूस कंसंट्रेट बनाया जाएगा। यह जूस 100% प्राकृतिक होगा और इसमें किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या शुगर का उपयोग नहीं किया जाएगा। यहां सिट्रस और ट्रॉपिकल फलों को प्रोसेस कर जूस, जूस कंसंट्रेट, पल्प, पेस्ट और प्यूरी का उत्पादन किया जाएगा। यह प्लांट विशेष रूप से फलों और सब्जियों की प्रोसेसिंग पर केंद्रित होगा। यह 9 मार्च 2025 से पूरी तरह परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा।
पतंजलि के इस प्लांट की एक और बड़ी खासियत यह है कि बाय-प्रोडक्ट्स को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा । संतरे से जूस निकालने के बाद इसके छिलकों का पूर्ण उपयोग किया जाएगा। छिलकों से निकाले गए कोल्ड प्रेस ऑयल (CPO) की बाजार में काफी मांग है। यहां नागपुर ऑरेंज बर्फी के लिए प्रीमियम पल्प तैयार किया जाएगा। संतरे से ऑयल-बेस्ड और वॉटर-बेस्ड अरोमा एसेंस भी बनाया जाएगा।
इस मेगा फूड एंड हर्बल पार्क के शुरू होने से करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, इस प्लांट का वार्षिक टर्नओवर लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।
पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा, हजारों लोगों को रोजगार भी देगा। संतरे के हर ग्रेड का उपयोग कर किसानों को उचित मूल्य दिलाने का यह कदम भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।
नोट: यह लेख ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।
