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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bank of Baroda के ग्राहक हैं तो 24 मार्च से पहले कर लें ये काम, लेनदेन करने में हो सकती है परेशानी

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sat, 18 Mar 2023 12:59 PM (IST)

    Bank of Baroda बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से ग्राहकों को एक नोटिस जारी किया गया है। इसमें उन ग्राहकों को 24 मार्च तक सी-केवाईसी कराने के लिए कहा गया है जिन् ...और पढ़ें

    Bank of Baroda notice for Customers for ckyc
    Bank of Baroda notice for Customers for ckyc

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा में आपका बैंक अकाउंट है, तो ये खबर आपके लिए है। बैंक ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें ग्राहकों से सेंट्रल केवाईसी (C-KYC) कराने के लिए कहा गया है। बैंक के अनुसार, जिन ग्राहकों को बैंक की ओर से सी-केवाईसी कराने के लिए नोटिस, फोन, एसएमएस और कॉल आया है, उसे तुरंत ब्रांच पर जाकर सी-केवाईसी करानी चाहिए।

    बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से ट्विटर पर जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि जिन भी ग्राहकों बैंक से सी-केवाईसी कराने के लिए नोटिस, फोन, एसएमएस और कॉल आया है। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे अपने नजदीकी बैंक ब्रांच में जाकर केवाईसी दस्तावेज सबमिट कर दें। अगर वे ऐसा कर चुके हैं, तो इस नोटिस को नजरअंदाज करें।

    केवाईसी दस्तावेज जमा न करने पर हो सकती है परेशानी

    अगर आप केवाईसी दस्तावेज जमा नहीं करते हैं, तो आपको बैंकिंग लेनदेन से जुड़ी काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपकी की ओर से जारी किया पैसा अटक सकता है। इसके साथ अगर किसी ने पैसा ट्रांसफर किया है, तो उसमें भी परेशानी आ सकती है। वहीं, अगर एटीएम और चेक के जरिए होने वाला लेनदेन भी प्रभावित हो सकता है।

    क्या होती है सी-केवाईसी?

    सी-केवाईसी का पूरा नाम सेंट्रल केवाईसी है। सी-केवाईसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे कराने के बाद आपको बैंक अकाउंट, इंश्योरेंस खरीदने और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए अलग-अलग केवाईसी करने की जरूरत नहीं होती है। इससे संस्थानों के पास आपका डाटा डुप्लीकेट नहीं होता है।

    खबरें और भी

    सी-केवाईसी को CERSAI की ओर से मैनेज किया जाता है। एक बार सी-केवाईसी कराने के बाद बैंक, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को बार-बार केवाईसी कराने की जरूरत नहीं होती है। केवल एक नंबर से ही ग्राहक की सारी जानकारी मिल जाती है।