सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    8th Pay Commission के बीच 16वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, PM से मिले सदस्य; किस पर पड़ेगा असर?

    Updated: Mon, 17 Nov 2025 09:17 PM (GMT+05:30)

    16वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जो 2026-31 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे का फार्मूला तय करेगी। आयोग के अध ...और पढ़ें

    8th Pay Commission के बीच 16वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, PM से मिले सदस्य; किस पर पड़ेगा असर?

    8th Pay Commission के बीच 16वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, PM से मिले सदस्य; किस पर पड़ेगा असर?

    HighLights

    1. 16वें वित्त आयोग ने रिपोर्ट सौंपी

    2. करों के बंटवारे का फार्मूला तय

    3. राज्यों की वित्तीय सेहत पर असर

    नई दिल्ली | आठवें वेतन आयोग (8th pay commission) के नोटिफिकेशन के बीच 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट तैयार हो गई है। आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने सोमवार को यह रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी। इसके बाद आयोग के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले। आयोग की यह रिपोर्ट आने वाले वर्षों में केंद्र और राज्यों के बीच टैक्स शेयरिंग यानी करों के बंटवारे का पूरा फार्मूला तय करेगी।

    राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '16वें वित्त आयोग के चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया और आयोग के सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और 2026-31 के लिए आयोग की रिपोर्ट सौंपी।' वहीं पीएम मोदी ने लिखा, "आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में 16वें वित्त आयोग के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।" अपने पोस्ट में उन्होंने अरविंद पनगढ़िया को भी टैग किया।

    31 अक्टूबर को देनी थी ये रिपोर्ट

     

    आयोग को पहले 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट देनी थी, लेकिन बाद में समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई थी। नियमों के अनुसार, 16वें वित्त आयोग को 2026-27 से शुरू होने वाले पांच सालों के लिए राज्यों का केंद्रीय करों में हिस्सा तय करने और अनुदान सहायता यानी ग्रांट्स का पूरा ढांचा बनाने का अधिकार है। यही रिपोर्ट आने वाले बजटों और वित्तीय योजना की दिशा तय करेगी। इसके लिए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया और स्थानीय सरकारों की वित्तीय जरूरतों, टैक्स कलेक्शन क्षमता और विकास स्थिति पर चर्चा की। आयोग की संरचना भी अहम है, जो इस प्रकार है:

    • चेयरमैन: अरविंद पनगढ़िया
    • पूर्णकालिक सदस्य: एनी जॉर्ज मैथ्यू (पूर्व नौकरशाह) और अर्थशास्त्री मनोज पांडा
    • अंशकालिक सदस्य: एसबीआई समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष और आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर

    वित्त आयोग का क्या है काम?

    वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसकी मुख्य भूमिका केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों को संतुलित करना है। 16वें वित्त आयोग की स्थापना 31 दिसंबर 2023 को की गई थी। अब जब रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी गई है, अगले चरण में केंद्र सरकार इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इससे राज्यों को मिलने वाले फंड और केंद्र-राज्यों की वित्तीय सेहत पर सीधा असर पड़ेगा।

    खबरें और भी