यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
#NoteBan: सरकार का अहम फैसला, सामने होंगी 5 बड़ी चुनौतियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की ऐलान क्या किया देश के अलग अलग हिस्सों से करंसी न लेने की खबरें आने लगी। यह दिक्कत कल बैंकों के बंद होने और एटीएम पर निकासी की सीमा लगा देने के बाद और गहरा सकती है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की ऐलान क्या किया देश के अलग अलग हिस्सों से करंसी न लेने की खबरें आने लगी। यह दिक्कत कल बैंकों के बंद होने और एटीएम पर निकासी की सीमा लगा देने के बाद और गहरा सकती है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि सरकार के इस फैसले के बाद देश के अलग अलग वर्ग को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जानिए सरकार के इस फैसले से होंगी क्या दिक्कतें....
1. आम आदमी को दिक्कत
बुधवार को जब लोग सामान खरीदने बाजार में जाएंगे तो उन्हे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दुकानदार बड़े नोट लेंगे नहीं और बैंक एटीएम भी काम नहीं करेंगे। ऐसे में सुबह सब्जी खरीदने से लेकर शाम को बाजार से सामान खरीदने में आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दिक्कत उन जगहों पर ज्यादा होगी जहां ऑनलाइन भुगतान करना एक विकल्प नहीं है।
2. बैंकिंग सुविधा से वंछित लोगों के लिए मुसीबत
ग्रामीण इलाकों में जहां बैंकिंग सुविधाएं आसानी से मुहैया नहीं हैं वहां लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। छोटे कस्बे और गांवो में रहने वाले ऐसे लोग जिन्होने शादी जैसे बड़े काम के लिए घर में पैसा रखा था उनके लिए समस्याएं हो सकती हैं। न तो इस पैसे से वे खरीदारी कर सकते हैं और न ही आसानी से बैंकों में इसको जमा कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारत की करीब 60 फीसदी जनता बैकिंग सुविधाओं से वंचित भी है।
3. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिक्कत
दुनियाभर के कई देशों में अब भारतीय करेंसी स्वीकार की जाती है। मसलन यदि आप नेपाल में जाकर भारतीय करंसी में खरीदारी करते हैं तो आसानी से दुकानदार आपकी करंसी को स्वीकार करते हैं। इस फैसले के बाद ऐसी करंसी को सिस्टम में वापस लाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
4. भारी नकदी वाले व्यवसायियों को दिक्कत
कैश रिच व्यापारी, जिन्हें हर रोज ही एक बड़ी मात्रा में कैश की जरूरत होती है जैसे पेट्रोल पंप, बिल्डर, टोल वाले लोग आदि उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को बैंक बंद रहेंगे, नई करंसी को बाजार में आने में अभी वक्त लगेगा। इस अफरा तफरी में रोजाना बड़ी मात्रा में नकदी का लेनदेन करने वाले व्यवसायियों के सामने यह चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे व्यवसायी कैसे चंद घंटों के समय में 100 रुपए के गुणांक में पैसों का इंतजाम कर पाएंगे?
5. नई करंसी आने तक जरूरी सुविधाओं में हो सकती है दिक्कत
निजी अस्पताल, मोबाइल रिचार्ज, पेट्रोल पंप, टोल-प्लाजा जैसे तमाम ऐसी जगाहें होती हैं जहां आम आदमी या नौकरी पेशा लोगों को रोजाना टकराना पड़ता है। जब तक पर्याप्त मात्रा में बड़ी करेसी सिस्टम में नहीं आ जाती ऐसी जगहों पर आम आदमी और व्यवसायी दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जाली करंसी और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए निश्चित तौर पर चारों तरफ सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है लेकिन सड़कों पर दिख रही अफरा-तफरी इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में आम जनता, व्यापारी और को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही सरकार के लिए भी इन चुनौतियों से निपटना आसान नहीं होगा।
