सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    8th Pay Commission: लेवल 1 से 18 तक, अलग-अलग हो सकता है फिटमेंट फैक्टर; 25 को आयोग की बैठक से पहले समझें पूरा कैलकुलेशन

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 09:42 PM (GMT+05:30)

    8th Pay Commission Latest Update: आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा तेज है। डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बताया कि 25 फरवरी को आठवें वेतन आयोग की ब ...और पढ़ें

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे पर है, वह है- फिटमेंट फैक्टर (8th pay commission fitment factor)। हर कर्मचारी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर फिटमेंट फैक्टर होगा कितना और सैलरी कितनी बढ़ेगी?

    इसे लेकर ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह (manjeet singh patel) ने एक-एक कंफ्यूजन दूर किया। डॉ. मंजीत पटेल ने बताया कि फिटमेंट फैक्टर का मतलब है- पुरानी बेसिक सैलरी को एक तय गुणांक (मल्टीप्लायर) से गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय करना।

    फिटमेंट फैक्टर कैसे कैलकुलेट होता है?

    मान लीजिए लेवल 1 के किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है। अभी करीब 60% महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है। अगर बिना किसी अतिरिक्त लाभ के सिर्फ DA को बेसिक में मर्ज कर दिया जाए, तो 18,000 × 1.6 = ₹28,800 हो जाता है।

    यानी 1.6 का फिटमेंट फैक्टर तो पहले से मौजूद है- सिर्फ DA मर्ज करने से।

    लेकिन कर्मचारी संगठनों की मांग इससे आगे है। उनका कहना है कि मौजूदा सैलरी तीन सदस्यों (पति-पत्नी और दो बच्चे) (8th pay commission family unit) के हिसाब से तय की गई थी। अब इसे पांच सदस्यों (पति-पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता) के आधार पर तय किया जाए।

    खबरें और भी

    अगर परिवार की यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाती है, तो खर्च लगभग 66% बढ़ता है। इस आधार पर न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर करीब 2.26 बनता है।

    इसके बाद अगर 24% ग्रोथ फैक्टर जोड़ा जाए, तो फिटमेंट फैक्टर करीब 2.5 पहुंचता है।

    2.5 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी होगी सैलरी?

    अगर 18,000 × 2.5 किया जाए तो नई बेसिक सैलरी होगी: ₹45,000

    इसके बाद HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते अलग से जुड़ेंगे।

    तो लेवल 1 से लेवल 18 तक कितनी होगी सैलरी?

    ग्रेड वर्तमान बेसिक पे अनुमानित बेसिक पे
    Level 1 18,000 45,000
    Level 2 19,900 49,750
    Level 3 21,700 54,250
    Level 4 25,500 63,750
    Level 5 29,200 73,000
    Level 6 35,400 88,500
    Level 7 44,900 112,250
    Level 8 47,600 119,000
    Level 9 53,100 132,750
    Level 10 56,100 140,250
    Level 11 67,700 169,250
    Level 12 78,800 197,000
    Level 13 118,500 296,250
    Level 13 131,100 327,750
    Level 14 144,200 360,500
    Level 15 182,200 455,500
    Level 16 205,400 513,500
    Level 17 225,000 562,500
    Level 18 250,000 625,000

    3.2 फिटमेंट फैक्टर की मांग क्यों?

    कर्मचारी संगठन अब 3.2 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। हैदराबाद में हुई बैठक में यह तय किया गया कि यही प्रस्ताव JCM में रखा जाएगा।

    अगर 18,000 × 3.2 किया जाए तो:
    18,000 × 3 = 54,000
    0.2 × 18,000 = 3,600
    कुल = ₹57,600 (लगभग ₹58,000)

    यानी लेवल-1 की बेसिक सैलरी करीब 58 हजार रुपए हो सकती है।

    ग्रेड वर्तमान बेसिक पे अनुमानित बेसिक पे
    Level 1 18,000 57,600
    Level 2 19,900 63,680
    Level 3 21,700 69,440
    Level 4 25,500 81,600
    Level 5 29,200 93,440
    Level 6 35,400 113,280
    Level 7 44,900 143,680
    Level 8 47,600 152,320
    Level 9 53,100 169,920
    Level 10 56,100 179,520
    Level 11 67,700 216,640
    Level 12 78,800 252,160
    Level 13 118,500 379,200
    Level 13 131,100 419,520
    Level 14 144,200 461,440
    Level 15 182,200 583,040
    Level 16 205,400 657,280
    Level 17 225,000 720,000
    Level 18 250,000 800,000

    क्या सभी लेवल के लिए एक जैसा फिटमेंट फैक्टर होगा?

    जरूरी नहीं। अभी पे मैट्रिक्स में 18 लेवल और अलग-अलग बैंड हैं। संभव है कि अलग-अलग बैंड के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर तय हो।

    उदाहरण के तौर पर:

    • लेवल 1 से 5 तक एक बैंड
    • लेवल 6 से 8 दूसरा बैंड
    • ऊपरी लेवल अलग बैंड

    निचले लेवल (1 से 5) की सैलरी कम है, इसलिए उनके लिए ज्यादा फिटमेंट फैक्टर दिया जा सकता है ताकि वेतन अंतर कम हो।

    2.5 फिटमेंट फैक्टर न्यूनतम माना जा रहा

    डॉ. पटेल के मुताबिक, अभी लेवल-6 की बेसिक ₹35,400 है, जबकि लेवल-7 की ₹44,900। दोनों में लगभग ₹10,000 का अंतर है। आगे के लेवल में यह अंतर 3-4 हजार रह जाता है। इसलिए वेतन गैप कम करने के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर संभव हैं।

    डॉ. पटेल ने बताया कि औसतन 2.5 का फिटमेंट फैक्टर न्यूनतम जरूरत माना जा रहा है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की मांग 3.2 की है। अगर 3.2 लागू होता है तो एंट्री लेवल की बेसिक सैलरी 57-58 हजार रुपए तक जा सकती है।

    अब सबकी नजर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर है। फिटमेंट फैक्टर कितना तय होता है, उसी पर तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में असली उछाल कितना आएगा।

    बता दें कि 25 फरवरी को आठवें वेतन आयोग की बड़ी बैठक होने जा रही है। जिसमें देशभर के बड़े संगठनों के सदस्य शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इसमें फिटमेंट फैक्टर पर बात हो सकती है।