8th Pay Commission: फैमिली यूनिट-DA हाइक, OPS से लेकर CGHS तक, आयोग की पहली बैठक में उठेंगे कौन से मुद्दे?
8th Pay Commission First Meeting: आठवें वेतन आयोग ने 5 महीने बाद कर्मचारी संगठनों को 24 अप्रैल को देहरादून में बातचीत के लिए बुलाया है। डॉ. मंजीत सिंह ...और पढ़ें
HighLights
24 अप्रैल को देहरादून में आठवें वेतन आयोग की महत्वपूर्ण बैठक
फैमिली यूनिट 3 से 5 करने, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
OPS बहाली, पेंशनर्स को CGHS, DA मर्जर मुख्य मुद्दे
नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और इसकी वर्किंग को लेकर लंबे समय से इंतज़ार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर आई है। आयोग ने आखिरकार 5 महीने बाद कर्मचारी संगठनों को बातचीत के लिए न्योता दिया है। यह महत्वपूर्ण मुलाकात 24 अप्रैल को देहरादून (8th CPC Dehradun Meeting) में होने जा रही है।
पहले ऐसी आशंकाएं थीं कि आयोग केवल ऑनलाइन सुझाव लेगा या सिर्फ जेसीएम (NC-JCM) से बात करेगा, लेकिन अब जमीन पर उतरकर संगठनों से मिलना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
जागरण बिजनेस से बात करते हुए ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इस बैठक को लेकर कई बड़े खुलासे किए।
उनका मानना है कि यह बैठक कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और भत्तों की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी। आइए 12 सवालों में समझते हैं कि आखिर आयोग की पहली मीटिंग में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बातचीत के मुख्य अंशः
सवाल 1: 24 अप्रैल की मीटिंग को आप कर्मचारियों के लिए कितनी बड़ी जीत मानते हैं?
जवाब: यह वाकई बड़ी जीत है। पहले लग रहा था कि आयोग केवल दिल्ली में बैठकर या ऑनलाइन सुझाव लेकर रिपोर्ट तैयार कर लेगा। लेकिन देहरादून विजिट और संगठनों को बुलाना दिखाता है कि आयोग कर्मचारियों की जमीनी समस्याओं को सुनना चाहता है। हम इसका स्वागत करते हैं और पूरी तैयारी के साथ अपना पक्ष रखेंगे।
सवाल 2: ऑटोनॉमस बॉडीज (CAB) और यूनियन टेरिटरीज (UT) के कर्मचारियों के लिए आपकी मुख्य मांग क्या है?
जवाब: हमारी सबसे बड़ी मांग 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की तर्ज पर समान नियम लागू करने की है। अक्सर देखा जाता है कि केंद्र सरकार जो आदेश जारी करती है, उसे ऑटोनॉमस बॉडीज और यूटी में लागू होने में सालों लग जाते हैं। हम चाहते हैं कि भारत सरकार का कोई भी नोटिफिकेशन सभी पर एक साथ और सीधे (Direct) लागू हो।
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सवाल 3: फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग क्यों उठ रही है? इसका सैलरी पर क्या असर होगा?
जवाब: देखिए, वर्तमान में सैलरी की गणना 3 यूनिट की फैमिली मानकर (Family Unit Increase 8th Pay Commission) की जाती है, जो कि व्यावहारिक नहीं है। आज के समय में परिवार की जरूरतें बढ़ी हैं। अगर आयोग फैमिली यूनिट को 5 मानकर गणना करेगा, तो फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और बेसिक सैलरी में खुद-ब-खुद बड़ा उछाल आएगा। हम इसी फॉर्मूले पर जोर दे रहे हैं।
सवाल 4: फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की क्या उम्मीदें हैं और आपकी क्या सलाह है?
जवाब: फिटमेंट फैक्टर ही तय करता है कि आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। कर्मचारी 3.68 तक की मांग कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि यह कम से कम 3.2 होना चाहिए। हालांकि, अगर फैमिली यूनिट 5 हो जाती है, तो यह कैलकुलेशन और भी बेहतर हो जाएगा।
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सवाल 5: महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) में क्या बदलाव चाहते हैं?
जवाब: अभी 2 साल की CCL में दूसरे साल 80% सैलरी मिलती है। हमारी मांग है कि इसे या तो 'पैरेंट केयर लीव' (PCL) या 'फैमिली केयर लीव' (FCL) में बदला जाए। इसका आधा हिस्सा पुरुष कर्मचारियों (Spouse) को भी मिलना चाहिए ताकि परिवार की जिम्मेदारी दोनों साझा कर सकें। साथ ही, सैलरी कटौती बंद होनी चाहिए।
सवाल 6: क्या कर्मचारियों को शादी या सामाजिक कार्यों के लिए अलग से छुट्टियों की जरूरत है?
जवाब: बिल्कुल। हमने मांग की है कि पूरी सेवा के दौरान 28 दिन की एडवांस छुट्टियां दी जाएं। इसे आप 'सोशल रिचुअल्स लीव' कह सकते हैं। नौकरी लगने के बाद शादी, मुंडन या परिवार में किसी की मृत्यु जैसे मौकों पर कर्मचारी को बिना वेतन के छुट्टी न लेनी पड़े, इसके लिए यह एडवांस कोटा जरूरी है।
सवाल 7: अंडमान निकोबार जैसे दूरदराज के यूटी कर्मचारियों की क्या विशेष समस्याएं हैं?
जवाब: वहां स्थिति गंभीर है। केंद्र के नियम होने के बावजूद कर्मचारियों को CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) का लाभ नहीं मिल रहा। शिक्षकों को सिर्फ गर्मियों की छुट्टियों में ही LTC (यात्रा भत्ता) लेने पर मजबूर किया जाता है। हमने मांग की है कि उन्हें भी मुख्यधारा के कर्मचारियों की तरह पूरी सुविधाएं और साल भर में कभी भी LTC लेने की आजादी मिले।
सवाल 8: पेंशनर्स के लिए CGHS सुविधा को लेकर आपकी क्या राय है?
जवाब: यह हमारी पांच प्रमुख मांगों में से एक है। रिटायरमेंट के बाद हर कर्मचारी को, चाहे वह ऑटोनॉमस बॉडी का हो या किसी भी यूटी का, उसे CGHS का अनिवार्य विकल्प मिलना चाहिए। बुढ़ापे में स्वास्थ्य सुरक्षा उनका अधिकार है।
सवाल 9: क्या आठवां वेतन आयोग पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का रास्ता साफ करेगा?
जवाब: एनपीएस (NPS) को पूरी तरह खत्म करना तकनीकी रूप से जटिल है क्योंकि लाखों करोड़ों रुपया मार्केट में लगा है। लेकिन NPS को OPS में कन्वर्ट करना संभव है। हम चाहते हैं कि सरकार UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) में सुधार करे, 25 साल की सेवा की शर्त को घटाकर 20 साल करे और कर्मचारी का अंशदान वापस करने की घोषणा करे।
सवाल 10: डीए (DA) हाइक में देरी हो रही है, क्या कर्मचारियों को चिंता करनी चाहिए?
जवाब: आमतौर पर होली तक डीए का ऐलान हो जाता था, लेकिन इस बार देरी हुई है। कर्मचारियों में डर है कि कहीं कोरोना काल की तरह इसे फ्रीज न कर दिया जाए। हम सरकार से मांग करते हैं कि डीए तुरंत रिलीज किया जाए।
सवाल 11: डीए मर्जर (DA Merger) को लेकर आपकी क्या डिमांड है?
जवाब: जब डीए 50% को पार कर जाता है, तो उसे बेसिक सैलरी में मर्ज कर देना चाहिए। इससे अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होती है। हमने आयोग और सरकार के सामने यह बात मजबूती से रखी है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब डीए मर्जर का समय आ गया है।
सवाल 12: शिक्षकों को लेकर आयोग से क्या खास अपील करेंगे?
जवाब: शिक्षकों को 'वेकेशनल स्टाफ' मानकर केवल 8 CL दी जाती है, जबकि वे छुट्टियों में भी सरकारी काम (जनगणना, बीएलओ ड्यूटी) करते हैं। हमारी मांग है कि उन्हें 'नॉन-वेकेशनल' कैटेगरी में डालकर अन्य कर्मचारियों की तरह 14 या 30 CL की सुविधा दी जाए।
डॉ. मंजीत पटेल के अनुसार, 24 अप्रैल की बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आठवें वेतन आयोग के एजेंडे को तय करने वाली मीटिंग होगी।
यदि आयोग इन 12 मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और सामाजिक सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है।
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