US SEC Adani Case: ₹2.5 हजार करोड़ की रिश्वत मामले की पूरी टाइमलाइन, अदाणी ने अमेरिका में कैसे पलटी बाजी
अमेरिका में गौतम अदाणी और उनके भांजे सागर अदाणी के खिलाफ अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज का मामला बंद हो गया है। रिश्वतखोरी के आरोपों पर दायर आपराधिक मुकद ...और पढ़ें

अमेरिका में अदाणी के खिलाफ सभी मुकदमे बंद
HighLights
अमेरिका में अदाणी के खिलाफ US SEC मामला बंद।
अमेरिकी न्याय विभाग ने आपराधिक मुकदमे वापस लिए।
रिश्वतखोरी के आरोपों पर $18 मिलियन का समझौता हुआ।
नई दिल्ली। भारत के अरबपति गौतम अदाणी पर अमेरिका में अमेरिका सिक्योरिटी एक्सचेंज द्वारा चलाया जा रहा मामला खत्म हो गया है। US SEC Case पूरी तरह बंद हो गया है। इतना ही नहीं अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अदाणी और उनके भांजे सागर अदाणी के खिलाफ दायर किए गए आपराधिक मुकदमे वापस ले लिए हैं। अमेरिका न्याय विभाग ने आपराधिक आरोप हटाने की मांग की। दोनों में से सबसे ज्यादा चर्चित मामला अमेरिका सिक्योरिटी एक्सचेंज वाला रहा है।
अमेरिका सिक्योरिटी एक्सचेंज ने गौतम अदाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। US SEC ने अदाणी के खिलाफ कब आरोप लगाए, और कैसे-कैसे इस मामले में एक्शन हुआ और अदाणी ने कैसे बाजी पलटी? आइए इस पूरे मामले की टाइमलाइन जानते हैं।
Adani US SEC Fraud Case Timeline: केस की पूरी टाइमलाइन
2022 से 2024 अदाणी ने हासिल किए ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट: साल 2022 से 2024 अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने कई राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट हासिल किए।
मार्च 2024: अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने आरोप लगाए कि अदाणी ने भारत के सरकारी अधिकारियों को लगभग 2.5 हजार करोड़ रुपये की रिश्वत देकर सोलर प्रोजेक्ट हासिल किए। इसी प्रोजेक्ट के दम पर अदाणी ने अमेरिकी निवेशकों से पैसा उठाया। मार्च 2024 में अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने अदाणी के खिलाफ जांच शुरू की।
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नवंबर 2024: अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने गौतम अदाणी और उनके भांजे सागर अदाणी पर एक सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के मकसद से भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने या रिश्वत का वादा करने की कोशिशों का नेतृत्व करने का आरोप लगाया गया। इसके साथ US SEC ने दोनों के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया।
दिसंबर 2024: 12 दिसंबर 2024 को, SEC का केस और अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप, दोनों को समन्वित शेड्यूलिंग के लिए संबंधित केस के तौर पर चिह्नित किया गया।
जनवरी 2026: जांच के बाद अमेरिकी बाजार नियामक ने समन भेजने के प्रक्रिया शुरू की। US SEC भारत सरकार को बॉयपास कर गौतम अदाणी को समन भेजने की तैयारी में थी। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने खुद
सुनवाई में देरी: प्रतिवादियों के भारत में रहने के कारण, आपराधिक और दीवानी, दोनों ही केस एक साल से ज्यादा समय तक अटके रहे। SEC ने समन तामील कराने के लिए भारतीय अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों की जानकारी दी।
23 जनवरी 2026 को, SEC ने अदालत में अर्जी देकर अदाणी और अन्य लोगों को कानूनी नोटिस भेजने का अनुरोध किया। SEC के इस प्रक्रियागत अनुरोध के बाद, अदाणी से संबंधित शेयरों में गिरावट आई, जिससे बाजार से 13 अरब डॉलर का नुकसान हो गया।
जनवरी 2026 के आखिरी में अदाणी ने इस केस में अपनी कानूनी टीम का नेतृत्व करने के लिए वॉल स्ट्रीट के जाने-माने वकील रॉबर्ट गिफा जूनियर को नियुक्त किया।
अप्रैल 2026: 7 अप्रैल, 2026 को, अडानी के प्रतिनिधियों ने एक प्री-मोशन लेटर दायर किया, जिसमें US कानून के गलत एक्स्ट्रा-टेरिटोरियल इस्तेमाल के आधार पर मुकदमे को खारिज करने की मांग की गई थी। इस मामले में SEC के पास अधिकार क्षेत्र न होने का यह दावा, इस केस में प्रतिवादी के तर्कों की मुख्य बुनियाद बन गया।
मई 2026: 14 मई, 2026 को, SEC और अदाणी घोषणा की कि वे इस मामले में $18 मिलियन के सेटलमेंट प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं, जिससे कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई।
18 मई 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग ने सोमवार को गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप हमेशा के लिए हटा दिए। इसके साथ ही न्यूयॉर्क में चल रहा हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड का मामला पूरी तरह से खत्म हो गया।
अदाणी और उनके भांजे को देने पड़े 18 मिलियन डॉलर 173 करोड़ रुपये
गौतम अदाणी और उनके भांजे सागर अदाणी को अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज द्वारा दायर किए गए मुकदमे को खत्म करने के लिए कुल 18 मिलनय डॉलर (लगभद 172 करोड़ रुपये) देने पड़े। 6 मिलियन डॉलर गौतम अदाणी और 12 मिलियन डॉलर सागर अदाणी ने दिए। दोनों ने मिलाकर कुल 18 मिलियन डॉलर दिए।
अमेरिका में 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे गौतम अदाणी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी के आरोपों इसलिए खारिज कर दिए क्योंकि अदाणी ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इस निवेश के जरिए लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। अदाणी के ऊपर लदे मुकदमे हटाने के बदले अगर अमेरिका को 10 अरब डॉलर का निवेश मिल रहा है तो इससे अच्छा सौदा ट्रंप के लिए हो ही नहीं सकता है।