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    AI बना नौकरी खाने वाली मशीन, 2025 में 1 लाख से ज्यादा टेक कर्मियों की छंटनी; अमेजन, इंटेल और TCS टॉप पर

    Updated: Sun, 02 Nov 2025 09:05 PM (GMT+05:30)

    एआई के बढ़ते इस्तेमाल से 2025 में टेक सेक्टर में भारी छंटनी हुई है। Layoffs.fyi के अनुसार, 218 कंपनियों ने 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला है। इ ...और पढ़ें

    AI बना नौकरी खाने वाली मशीन, 2025 में 1 लाख से ज्यादा टेक कर्मियों की छंटनी; अमेजन, इंटेल और TCS टॉप पर

    AI बना नौकरी खाने वाली मशीन, 2025 में 1 लाख से ज्यादा टेक कर्मियों की छंटनी; अमेजन, इंटेल और TCS टॉप पर

    नई दिल्ली| एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने 2025 में टेक सेक्टर में बड़ी हलचल मचा दी है। Layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक दुनिया भर में 218 कंपनियों से 1 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरी जा चुकी है। महामारी के बाद हुए अति-विस्तार के चलते अब बड़ी टेक कंपनियां मुनाफे और AI पर फोकस करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं।

    चिप निर्माता इंटेल (Intel) ने इस साल का सबसे बड़ा कटौती अभियान चलाया है। कंपनी ने करीब 24,000 कर्मचारियों (22% ग्लोबल वर्कफोर्स) को हटाया है। अमेरिका, जर्मनी, कोस्टा रिका और पोलैंड में फैले ऑफिस इससे प्रभावित हुए हैं। इंटेल की यह कोशिश Nvidia और AMD से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को मजबूत करने की है।

    अमेजन (Amazon Layoffs) ने भी अपने कॉर्पोरेट, HR और क्लाउड यूनिट्स में 14,000 पद खत्म किए हैं। सीईओ एंडी जेसी ने कहा कि कंपनी को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप की तरह चलाना होगा ताकि AI निवेश के लिए संसाधन मिल सकें।

    यह भी पढ़ें- रतन टाटा की TCS ने छंटनी की तो इंफोसिस ने चला बड़ा दांव; कर्मचारियों को सौंपा भर्ती का जिम्मा, मिलेगा बंपर इनाम!

    Microsoft, Google और Meta भी पीछे नहीं

    माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल लगभग 9,000 कर्मचारियों को हटाया, जबकि गूगल और मेटा ने अपने एंड्रॉइड, हार्डवेयर और AI डिवीजनों में कटौती की है। ओरेकल (Oracle) ने भी अमेरिका में सैकड़ों नौकरियां घटाई हैं, ताकि अपनी AI आधारित क्लाउड सर्विस को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

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    भारत भी अछूता नहीं रहा

    भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS Layoffs) ने जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में 20,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी कमी मानी जा रही है। TCS ने इसे AI-आधारित री-स्ट्रक्चरिंग और स्किल गैप का नतीजा बताया है। अन्य भारतीय आईटी कंपनियां भी अब भर्ती में सतर्क हो गई हैं।

    टेक से बाहर भी असर

    छंटनी की यह लहर अब टेक सेक्टर से आगे बढ़कर अन्य उद्योगों तक पहुंच गई है। UPS ने ऑटोमेशन के चलते 48,000 कर्मचारियों को निकाल दिया। इसके अलावा फोर्ड (Ford) ने 8,000-13,000 और PwC ने 5,600 लोगों को हटाया है। पैरामाउंट ग्लोूल (Paramount Global) ने भी विज्ञापन और स्ट्रीमिंग घाटे के कारण 2,000 नौकरियां खत्म की हैं।

    यह आंकड़ा दिखाता है कि कैसे एआई ऑटोमेशन और लागत में कटौती ने 2025 को अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण सालों में बदल दिया है।