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अनिल अग्रवाल का मेगा प्लान, 4 गुना बढ़ेगा कच्चे तेल का उत्पादन! देश की सबसे बड़ी प्राइवेट ऑयल कंपनी का एलान

Published: Thu, 26 Mar 2026 09:52 AM (IST)Updated: Thu, 26 Mar 2026 01:06 PM (IST)

वेदांता लिमिटेड की केर्न ऑयल एंड गैस अगले दशक में अपना दैनिक तेल उत्पादन चार गुना बढ़ाकर 10 लाख बैरल ...और पढ़ें

अनिल अग्रवाल की कंपनी का नया प्लान

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नई दिल्ली। वेदांता लिमिटेड, जिसके चेयरमैन अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Net Worth) हैं, की कंपनी केर्न ऑयल एंड गैस अगले दशक के अधिकतर समय में अपने रोज के तेल प्रोडक्शन को चार गुना बढ़ाकर 10 लाख बैरल तक करने की योजना बना रही है। अग्रवाल ने कहा कि केयर्न के अधिकारी इस हफ्ते ह्यूस्टन (अमेरिका) में हैं और वे ऑयलफील्ड कॉन्ट्रैक्टर्स पर 5 अरब डॉलर (47041 करोड़ रुपये) तक खर्च करने की योजना बना रहे हैं। ये कॉन्ट्रैक्टर्स कंपनी को देश के अंदर ऑयल फील्ड डेवलप करने में मदद करेंगे, जिनमें शेल संरचनाएं भी शामिल हैं।

ये है पूरा प्लान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अग्रवाल ने कहा कि केर्न का लक्ष्य 10 अमेरिकियों को हायर करना है, ताकि भारत में US शेल प्लेबुक को लागू किया जा सके। कंपनी को उम्मीद है कि इससे ड्रिलिंग और काम पूरा होने में लगने वाले समय में एक-तिहाई की कमी आएगी, जिससे उत्पादन तेज होगा।
यह भारत की व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम हो सकता है, जो कच्चे तेल के लिए लगभग पूरी तरह से आयात पर निर्भर है।

चार शेल कुओं की ड्रिलिंग पूरी

वेदांता के 72 वर्षीय संस्थापक अग्रवाल ने बताया कि केर्न ने चार शेल कुओं की ड्रिलिंग पूरी कर ली है, जिनका काम अभी पूरा होना बाकी है। मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण काफी दिनों से अधिकांश टैंकरों के लिए अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले कई जहाजों को निशाना बनाया है।

केर्न ने घटाया उत्पादन

केर्न ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट तेल और गैस उत्पादक कंपनी है। इसने अपने उत्पादन में 10% की कटौती की है। अग्रवाल ने बुधवार को ये भी बताया कि यह कटौती मुख्य रूप से पश्चिम एशिया संकट के कारण शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में आई दिक्कतों की वजह से की गई है, जिससे उत्पादन 1,10,000 बैरल प्रतिदिन से घटकर कम हो गया है।
अग्रवाल ने कहा कि कंपनी को उत्पादन में इससे ज्यादा कटौती की उम्मीद नहीं है। केर्न का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में उत्पादन को 500,000 बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाना है।

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