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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ATF की कीमत में आई 2.2 फीसद की गिरावट, जानें कितने रुपये सस्ता हुआ जेट फ्यूल

    By Sarveshwar PathakEdited By:
    Updated: Sat, 16 Jul 2022 10:35 AM (IST)

    ATF (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में गिरावट आई है। कुछ दिनों पहले इसकी कीमतें आसमान छू रही थीं। वहीं अब एटीएफ की कीमत में रिकॉर्ड उच्च स्तर से 2 ...और पढ़ें

    Aviation Turbine Fuel price reduced by 2.2 percent.
    Aviation Turbine Fuel price reduced by 2.2 percent.

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। शनिवार को जेट ईंधन (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में 2.2 प्रतिशत की कमी आई। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में 3,084.94 रुपये प्रति किलोलीटर या 2.2 प्रतिशत की कटौती हुई है। अब इसकी कीमत 138,147.93 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। इस साल एटीफ दरों में यह दूसरी कटौती है।

    आपको बता दें कि बेंचमार्क अंतरराष्ट्रीय तेल दरों की दरों के आधार पर हर महीने की पहली और 16 तारीख को एटीएफ की कीमतों में संशोधन किया जाता है। पिछले पखवाड़े 1 जुलाई को दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। पिछले महीने कीमतें 141,232.87 रुपये प्रति किलोलीटर (141.23 रुपये प्रति लीटर) पर पहुंच गई थीं।

    इससे पहले कीमतों में अब तक की सबसे तेज 16 फीसद की बढ़ोतरी की गई थी, ताकि दरों को अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया जा सके। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में नरमी आई है। तेल की कीमतें यूक्रेन-रूस युद्ध के पूर्व स्तर पर हैं।

    जैसा कि आप सब जानते हैं कि एटीएफ ईंधन हवाई जहाज को उड़ान भरने में मदद करता है। 16 जून को इसकी कीमत में 19,757.13 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि की गई थी। इसके बाद 1 जून को मामूली 1.3 फीसदी (1,563.97 रुपये प्रति किलोलीटर) की दर में कटौती की गई। लेकिन 1 जून को एकतरफा कमी के लिए 2022 के दौरान एटीएफ की कीमतों में वृद्धि हुई है। साल की शुरुआत से अब तक कुल दरों में 11 गुना बढ़ोतरी की जा चुकी है। इससे छह महीने में दरें लगभग दोगुनी हो गई हैं। शनिवार को कटौती से पहले 1 जनवरी से कीमतों में 91 फीसदी (67,210.46 रुपये प्रति किलोलीटर) की बढ़ोतरी हुई थी।

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    एक एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट का लगभग 40 प्रतिशत जेट ईंधन में लगता है। कीमतों में वृद्धि के परिणामस्वरूप बीते दिनों उड़ान की लागत में वृद्धि हुई थी। हालांकि, अब थोड़ी राहत मिली है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 96.72 रुपये प्रति लीटर और 89.62 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित रहीं। सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती से 22 मई को पेट्रोल की कीमत 8.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.05 रुपये प्रति लीटर कम करने में मदद मिली थी। लेकिन उसके लिए आधार मूल्य 6 अप्रैल से अपरिवर्तित बना हुआ है।

    इससे पहले कीमतों में रिकॉर्ड 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की खुदरा कीमतें लागत से काफी कम हैं। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में समान दरों के आधार पर पेट्रोल और डीजल की दरों में प्रतिदिन संशोधन किया जाता है।