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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ब्रिक्स ने विश्व समुदाय से कहा भ्रष्टाचार और काले धन पर ठोस वादे की जरूरत

By Praveen DwivediEdited By:
Updated: Mon, 17 Oct 2016 12:29 PM (IST)

ब्रिक्स देशों ने ब्लैक मनी के संबंधित देश को वापस किए जाने के संबंध में और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए विश्व बिरादरी से ठोस वादे की मांग की है।

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नई दिल्ली: ब्रिक्स देशों ने ब्लैक मनी के संबंधित देश को वापस किए जाने के संबंध में और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए विश्व बिरादरी से ठोस वादे की मांग की है। 15 और 16 अक्टूबर, दो दिन चले ब्रिक्स सम्मेलन के गोवा घोषणापत्र में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आपस में सहयोग का पूरा प्रयास करने का संकल्प किया गया है।

ब्रिक्स के साझा बयान में कहा गया है, 'हम अपने रुख में तालमेल के लिए प्रयास करेंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि और अन्य प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय कानूनी उपायों के आधार पर भ्रष्टाचार रोकने और उसके खिलाफ मुहिम में मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेंगे।'

भ्रष्टाचार को चुनौती मानते हैं ब्रिक्स देश:

ब्रिक्स देशों का मानना है कि भ्रष्टाचार एक वैश्विक स्तर की चुनौती है जो आर्थिक वृद्धि और विकास को काफी हद तक प्रभावित करता है। इसमें अवैध धन, वित्तीय प्रवाह और विदेशों में छुपाई गई अवैध कमाई भी शामिल है।

ब्रिक्स घोषणा पत्र में कहा गया है कि वे भ्रष्टाचार और संपत्ति की बरामदगी और भ्रष्टाचार के मामले वांछित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए ब्रिक्स भ्रष्टाचार निरोधक कार्य समूह समेत विभिन्न मंचों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का समर्थन करते हैं। वहीं ब्रिक्स ने वैश्विक रूप से निष्पक्ष और आधुनिक कर प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।