यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी रफ्तार
कैबिनेट ने नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बात की जानकारी दी। एनएलपी के तहत नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य परिवहन लागत को कम करना और देश में माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते ही इस पॉलिसी का ऐलान किया था।
नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी (National Logistics Policy) से देशभर में माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। इससे परिवहन लागत घटेगी और सामान को जल्द से जल्द देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क का ढांचा निर्धारित करने की वकालत करती है।

जल्द तैयार किया जाएगा रोडमैप
लॉजिस्टिक से जुड़ी चीजों को सुव्यवस्थित करने और उनके ठीक से लागू करने के उद्देश्य से यह फ्रेम वर्क बनाया गया है। देश में सामानों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए सड़कों पर निर्भरता घटाकर रेल, जहाज, सड़क और एयर ट्रांसपोर्ट का एक ढांचा तैयार किया जाएगा। इसका रोडमैप जल्द ही बना लिया जाएगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी पर पिछले 3 सालों से कार्य कर रही थी। 2019 में इस पॉलिसी के ड्राफ्ट को तैयार किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस के प्रसार के कारण इसमें देरी हो गई।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी रफ्तार
नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी से कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ आधारभूत ढांचे के विकास को बड़ा फायदा होगा। इससे फैक्ट्री से निकलने वाले सामान की ढुलाई लागत में कमी आएगी। भारत के कारोबारियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान होगी और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना सामान बेच सकेंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पॉलिसी का अनावरण करते हुए कहा था कि यह पॉलिसी आत्मनिर्भर भारत को नई उड़ान देने वाली होगी।