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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईधन आपूर्ति समझौता नहीं कर रही कोल इंडिया

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Updated: Tue, 11 Mar 2014 09:28 AM (IST)

सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कोयला उत्पादक कोल इंडिया ने अभी तक 15 बिजली प्लांट से ईधन आपूर्ति समझौता (एफएसए) नहीं किया है। निवेश मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीआइ) ने कोल इंडिया को निर्देश दिया था कि वह तय समय के अंदर 7

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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कोयला उत्पादक कोल इंडिया ने अभी तक 15 बिजली प्लांट से ईधन आपूर्ति समझौता (एफएसए) नहीं किया है। निवेश मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीआइ) ने कोल इंडिया को निर्देश दिया था कि वह तय समय के अंदर 78 हजार मेगावाट क्षमता वाले बिजली प्लांटों के साथ एफएसए करे। मगर, सार्वजनिक कंपनी स्वामित्व में बदलाव और आपूर्ति विस्तार जैसे मसलों का हल निकाले बिना एफएसए नहीं करना चाहती।

एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 157 एफएसए पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। बाकी बचे 15 मामलों में स्वामित्व में बदलाव और कोयला आपूर्ति से जुड़े कुछ मसलों का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। इसलिए एफएसए में देरी हो रही है। इन मामलों पर अलग से विचार हो रहा है।

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आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 78 हजार मेगावाट क्षमता वाले बिजली प्लांटों के साथ एफएसए को इजाजत दी थी। इन प्रोजेक्ट के लिए 172 यूनिट को 134 लेटर ऑफ एश्योरेंस (एलओए) दिए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सीआइएल और उसकी सब्सिडरी कंपनियों ने 177 एलओए जारी किए हैं। ये बिजली प्रोजेक्ट 11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बने थे। इनकी कुल क्षमता 1,08,000 मेगावाट है।

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एफएसए करने के लिए दो अंतिम तारीख निकल चुकी हैं। पहली तारीख 31 अगस्त, 2013 तय की गई थी। मगर, एफएसए न हो पाने के बाद सितंबर तक तारीख बढ़ाई गई।