यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
DA Hike: दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों पर मेहरबान हुई 'लक्ष्मी', मोदी सरकार ने डीए में की 4% की बढ़ोतरी
DA Hike केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा देते हुए मोदी सरकार ने आज महंगाई भत्ते (डीए) में 4% बढ़ोतरी की घोषणा की है। कैबिनेट की आज हुई बैठक म ...और पढ़ें

HighLights
- आज हुई कैबिनेट की बैठक में डीए बढ़ाने के फैसले को दी गई मंजूरी।
- 42 प्रतिशत से बढ़कर अब 46 प्रतिशत हुआ डीए।
- 1 जुलाई 2023 से होगी बढ़े हुए डीए की कैलकुलेशन।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने आज बड़ी खुशखबरी देते हुए महंगाई भत्ता (डीए) में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी (DA Hike) का एलान कर दिया है। आज हुई कैबिनेट की बैठक में डीए बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दे दी गई।
46 प्रतिशत हुआ डीए
सरकार की मंजूरी के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत हो गया है। बढ़े हुए डीए का कैलकुलेशन बीते 1 जुलाई, 2023 से होगी और जुलाई से अक्टूबर तक का बकाया महंगाई भत्ता भी मिलेगा। इसके अलावा नंवबर महीने से सैलरी 46 प्रतिशत डीए के आधार पर बनेगी।
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कितनी बढ़ी सैलरी?
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये होती है। इस पर अब डीए को 46 प्रतिशत के हिसाब से जोड़ा जाए तो मासिक डीए 8,280 रुपये होता है। वहीं अगर किसी कर्मचारी की सबसे अधिक बेसिक सैलरी यानी 56,900 रुपये है तो 46 प्रतिशत के डीए के आधार पर बेसिक सैलरी में 26,174 रुपये जुटेंगे।
इस बढ़ोतरी के बाद अब 47 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा यानी कर्मचारियों को ज्यादा सैलरी मिलेगी और पेंशनभोगियों को अब ज्यादा महंगाई राहत भत्ता (डीआर) मिलेगा।
क्या होता है डीए?
केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का ख्याल रखते हुए हर 6 महीने में एक बार महंगाई भत्ता (डीए) की समीक्षा करती है। सरकारी अपने कर्मचारियों को यह भत्ता देश में बढ़ती महंगाई का सामना करने के लिए देती है।
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केंद्र सरकार के तर्ज पर राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों को डीए देती हैं। आपको बता दें कि सरकार डीए की गणना हमेशा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर करती है।
डीए कैलकुलेट करने के लिए सरकार इस फॉर्मूला का इस्तेमाल करती है: [(पिछले 12 महीने के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स का औसत - 115.76)/115.76]×100
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