यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
30 सितंबर तक Demat Account और Mutual Fund में एड करवा लें नॉमिनी, नहीं करने पर फ्रीज हो जाएगा अकाउंट
30 सितंबर 2023 तक सभी डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनी को जोड़ना बहुत जरूरी है। सेबी ने यह आदेश दिया है कि निवेशक को अपने अकाउंट में नॉमिनी को ...और पढ़ें

HighLights
- 30 सितंबर 2023 तक डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनी का नाम एड करवाना जरूरी है।
- जो अकाउंट में नॉमिनी एड नहीं होगा उनका अकाउंट फ्रीज हो जाएगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। सभी व्यक्तिगत डीमैट खाताधारकों और म्यूचुअल फंड (एमएफ) निवेशकों के पास अपने उत्तराधिकारी (नॉमिनी) को नामित करने या एक घोषणा पत्र भरकर योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुनने के लिए 30 सितंबर तक का समय है। ऐसा नहीं करने पर निवेशकों के डीमैट खातों और फोलियो पर रोक लग जाएगी यानी उन्हें 'फ्रीज' कर दिया जाएगा और वे अपने निवेश को निकाल नहीं पाएंगे।
बाजार नियामक सेबी के अनुसार, 'यह आदेश नए और मौजूदा दोनों तरह के निवेशकों पर लागू होगा। यह कदम निवेशकों को अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने और उन्हें उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को सौंपने में मदद करने को उठाया गया है।जुलाई, 2021 में सेबी ने सभी मौजूदा पात्र ट्रेडिंग और डीमैट खाताधारकों को 31 मार्च, 2022 को या उससे पहले नामांकन का विकल्प प्रदान करने के लिए कहा था। बाद में इसे एक साल और बढ़ाकर 31 मार्च, 2023 तक कर दिया गया था।
.jpg)
म्यूचुअल फंड में भी नॉमिनी जोड़ना अनिवार्य
म्यूचुअल फंड यूनिट धारकों के संबंध में नियामक ने 15 जून, 2022 को अपने परिपत्र में म्यूचुअल फंड ग्राहकों के लिए एक अगस्त, 2022 को या उसके बाद नामांकन से बाहर निकलने के लिए नामांकन विवरण या घोषणा करना अनिवार्य किया था। इसे एक अक्टूबर, 2022 तक और फिर मार्च, 2023 तक बढ़ा दिया गया। बाजार भागीदारों से मिले आग्रह के बाद फोलियो और डीमैट खातों को फ्रीज करने का प्रावधान 31 मार्च, 2023 के बजाय 30 सितंबर, 2023 से लागू करने का फैसला किया गया।
यह किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में निवेशकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को प्रतिभूतियों के सुचारू और सुगम हस्तांतरण को सुनिश्चित करेगा। सभी डीमैट खाताधारकों और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए किसी को नामांकित करने की 30 सितंबर की समयसीमा सेबी की ओर से उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
