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    '...तो आप बेवकूफ हैं!' धीरूभाई की वो कड़वी सलाह, जिसने मुकेश अंबानी को बना दिया 'बिजनेस का बॉस'; क्यों कहा था ऐसा?

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 07:58 AM (IST)

    मुकेश अंबानी ने अपने पिता धीरूभाई अंबानी की उस खास सलाह को साझा किया, जिसने रिलायंस की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। धीरूभाई का मानना था कि अरबों लोग ...और पढ़ें

    धीरूभाई ने दी थी मुकेश अंबानी को खास सलाह

    धीरूभाई ने दी थी मुकेश अंबानी को खास सलाह

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी (Mukesk Ambani Net Worth) एशिया के सबसे अमीर शख्स हैं। उन्होंने एक बार अपनी लीडरशिप फिलॉसफी से जुड़ी अहम बातें साझा की थीं। उन्होंने बताया था कि उनके पिता, धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) का उन पर स्थायी प्रभाव था। पिछले साल उन्होंने एक कार्यक्रम में बताया था कि किस तरह उनके पिता की प्रभावी सोच ने भारत के सबसे प्रभावशाली कारोबारी समूहों में से एक को आकार देने में मदद की। साथ ही उनके पिता ने एक खास सलाह भी दी थी। क्या थी वो सलाह, आइए जानते हैं।

    '...तो आप बेवकूफ हैं'

    मुकेश अंबानी के मुताबिक सबसे ज्यादा असरदार बातों में से एक धीरूभाई अंबानी की यह सलाह थी कि “अगर आप अरबपति बनने के लिए कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आप बेवकूफ हैं; आप कभी वहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगे। अगर आप एक अरब लोगों पर असर डालने के लिए कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आपके सफल होने की अच्छी संभावना है, और इसके साथ-साथ, आप ठीक-ठाक पैसे भी कमा सकते हैं।”

    मुकेश अंबानी ने कहा था कि यह सिद्धांत ग्रुप की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजी को लगातार दिशा देता रहा है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ पैमाना, एक्सेस और सामाजिक प्रासंगिकता आपस में मिलते हैं।

    जियो की सफलता में पिता की सलाह आई काम

    पिता की सलाह का एक सबसे खास उदाहरण है Reliance Jio, जो इस ग्रुप का टेलीकॉम वेंचर है और 2016 में लॉन्च हुआ था। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट में $25 बिलियन से ज्यादा का निवेश किया। यह उस समय के हिसाब से एक बहुत ही बड़ा कदम था, जब बाजार में बहुत अधिक मुकाबला था और कीमतें बहुत मायने रखती थीं।
    हालांकि कई लोगों को यह निवेश जोखिम भरा लगा, लेकिन अंबानी ने इसके पीछे की सोच को 'असर डालने वाला' बताया। उन्होंने कहा था, “सबसे खराब स्थिति में भी, हमें ज्यादा मुनाफा नहीं होगा। कोई बात नहीं... यह भारत में अब तक का हमारा सबसे बड़ा समाज-सेवा का काम होगा, क्योंकि हम पूरे भारत को डिजिटल बना देंगे।”

    आज, Jio देश की सबसे बड़ी डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है, जिसके लगभग 524 मिलियन ग्राहक हैं। इसने शहरी और ग्रामीण भारत में इंटरनेट की पहुँच बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाई है।

    किस चीज पर था धीरूभाई का फोकस?

    मुकेश अंबानी के अनुसार उनके पिता का ध्यान सिर्फ मुनाफे पर ही नहीं, बल्कि ऐसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टरों की पहचान करने पर भी था, जो भारत की अर्थव्यवस्था और समाज में अहम योगदान दे सकें। पॉलिएस्टर, जो उस समय एक नया-नया आया फैब्रिक था, उन शुरुआती कारोबारों में से एक था, जहाँ रिलायंस का लक्ष्य किफायत और बड़े पैमाने पर विस्तार, दोनों को बढ़ावा देना था।

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    मुकेश अंबानी के अनुसार उनके पिता ने पॉलिएस्टर का बिजनेस शुरू करने का फ़ैसला किया... और फिर रिकॉर्ड समय में एक ग्रीनफील्ड पॉलिएस्टर फैक्ट्री लगाई, जो भारत में अपनी तरह की सबसे बडी फैक्ट्री थी।

    कैसे शुरू की थी रिलायंस?

    रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने 1960 में बहुत ही सीमित संसाधनों के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। वे यमन में एक गैस स्टेशन अटेंडेंट के तौर पर काम करने के बाद भारत लौटे थे। उन्होंने अपनी $100 की बचत को उस उद्यम को खड़ा करने में निवेश किया, जो आगे चलकर भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनियों में से एक बन गया।

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