यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वित्त मंत्री ने पेश किया आर्थिक सर्वे, वित्तीय घाटा कम करने पर जोर
रेल बजट के बाद आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2014-15 का आर्थिक सर्वे पेश किया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का पहला आर्थिक सर्वे 2013-14 को सं ...और पढ़ें

नई दिल्ली। रेल बजट के बाद आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2014-15 का आर्थिक सर्वे पेश किया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का पहला आर्थिक सर्वे 2013-14 को संसद की पटल पर पेश किया। सर्वे के मुताबिक, आर्थिक विकास दर धीमी रही है, जिसका खासकर उद्योग क्षेत्र पर असर पड़ा है। मौजूदा कारोबारी साल में आर्थिक विकास दर 5.5 फीसदी से 5.9 फीसदी के दायरे में रह सकती है।
सर्वे में कहा गया है कि साल 2013-14 में कृषि और उसके सहयोगी सेक्टर में विकास दर 4.7 रही है। बीते लगातार दो साल से यानी 2012-13 और 2013-14 में देश जीडीपी की विकास दर पांच से नीचे रही है।
इसके अलावा वित्तीय घाटा 4.5 रहा है और आने वाले दो साल में इसे कम करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा सर्वे में गुरुवार को पेश होने वाले आम बजट की झलक है और किन क्षेत्रों में सरकार का जोर रहने वाला है।
गौरतलब है कि बुधवार को पेश हुए रेल बजट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर खुशी जताते हुए इसे देश की आर्थिक दशा को सुधारने वाला रेल बजट बताया था। साथ ही कहा था कि यह एक ऐतिहासिक बजट है और इससे पहले देश में ऐसा बजट कभी पेश नहीं किया गया। यह एक समग्र रेल बजट है।
