यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Electronics Mart IPO: आज खुलेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया का आईपीओ, जानिए इसके बारे में सभी डिटेल
Electronics Mart IPO आनंद राठी एडवाइजर्स आईआईएफएल सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया के इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। कंप ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Electronics Mart IPO: इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया (ईएमआई) का पहला इश्यू आज 4 अक्टूबर को सार्वजनिक बोली के लिए खुल रहा है। इस आईपीओ के लिए बोली 7 अक्टूबर तक चलेगी। कंपनी को इस आईपीओ से 500 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान है। बाजार के विश्लेषक इसे लेकर काफी सकारात्मक हैं।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स रिटेल चेन इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया का आईपीओ 7 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 56-59 रुपये प्रति शेयर है। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया आईपीओ के अलॉटमेंट की स्थिति 12 अक्टूबर को घोषित की जाएगी, जबकि लिस्टिंग 17 अक्टूबर को एनएसई और बीएसई पर होगी।
क्या हैं नियम
फर्म ने अपने 500 करोड़ रुपये के सार्वजनिक प्रस्ताव के लिए 56-59 रुपये प्रति शेयर का मूल्य बैंड तय किया है। निवेशक कम से कम 254 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 254 के गुणकों में बोली लगा सकते हैं। 59 रुपये के ऊपरी बैंड पर 14,986 रुपये खर्च होंगे। सदस्यता 7 अक्टूबर को बंद हो जाएगी।

कहां इस्तेमाल होगा पैसा
कंपनी अपने पूंजीगत व्यय की फंडिंग के लिए इस आय का इस्तेमाल करेगी। इसका उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा। इश्यू साइज का आधा हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए, 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए और शेष 15 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है।
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क्या है कंपनी की प्रोफाइल
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया लिमिटेड (EMIL) की स्थापना पवन कुमार बजाज और करण बजाज ने बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर के रूप में की थी। इस साल अगस्त तक कंपनी के 36 शहरों में 112 स्टोर थे। इसके मल्टी-ब्रांड आउटलेट बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड के तहत काम करते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया लिमिटेड के पास 70 से अधिक कंज्यूमर ड्यूरेबल और इलेक्ट्रॉनिक ब्रांड्स की 6,000 से अधिक स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स का बेंचमार्क है। यह खुदरा, थोक और ई-कॉमर्स, तीनों चैनलों में संचालित होता है।
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वित्त वर्ष 22 में कंपनी का ऑपरेशनल राजस्व 35.84 प्रतिशत बढ़कर 4,349.32 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 3,201.88 करोड़ रुपये था। अगर टैक्सेशन के बाद होने वाले प्रॉफिट की बात करें तो लाभ 77.22 प्रतिशत बढ़कर 103.89 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि के दौरान 58.62 करोड़ रुपये था।